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Delhi News: कृष्णमय हुआ यमुनापार, चारों तरफ बही भक्ति की बयार

Sat, 16 Aug 2025 07:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 16 Aug 2025 07:00 PM IST
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The Yamuna river was filled with Krishna, the winds of devotion blew everywhere
सुबह से ही मंदिरों में श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया
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बच्चे नन्हें कन्हैया और राधा के रूप में सजे तो माहौल और भी मनमोहक हो गया

संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। सूरज की पहली किरण निकलते ही यमुनापार की गलियां भक्ति रस में डूब गईं। जगह-जगह से घंटियों की टनकार और हरे कृष्णा-हरे राधे की गूंज सुनाई देने लगी। सुबह से ही मंदिरों में श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग गया। छोटे-छोटे बच्चे नन्हें कन्हैया और राधा के रूप में सजे तो माहौल और भी मनमोहक हो गया। इसके अलावा मंदिरों में झांकियां भी सजाई गईं। इनमें कहीं मथुरा का कारागार तो कहीं गोकुल की गलियां और वृंदावन की रासलीला थी। श्रद्धालुओं को ऐसे लगा जैसे उनकी आंखों के सामने ही कृष्ण की लीलाएं घट रही हैं।



बता दें कि यमुनापार की मंडोली के श्री विश्वकर्मा धाम, सैनी एनक्लेव में श्री राधा कृष्ण मंदिर, मयूर विहार फेज-एक स्थित इस्कॉन मंदिर व अन्य मंदिरों को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था। साथ ही मयूर विहार के इस्कॉन मंदिर में देर रात तक झूलन उत्सव और रासलीला का मंचन हुआ। जैसे-जैसे दिन ढलता गया और रात होती गई, वैसे-वैसे मंदिरों में उत्साह चरम पर पहुंच गया। ऐसे मानों कि जैसी ही घड़ी में बारह बजे तो वैसे ही पूरा यमुनापार नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की नारों से गूंज उठा। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सजे-धजे पालने में नंदलाल के दर्शन किए। इसके साथ ही कई लोगों ने अपने घरों में जन्मोत्सव के बाद नंद गोपाल को लेकर केक काटा। वहीं, दीपों की रोशनी, भक्ति का उत्साह और कृष्ण जन्म की उमंग ने इस रात को अविस्मरणीय बना दिया।
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बाल गोपाल की प्रतियोगिताएं भी हुईं

हर बार की तरह इस बार की भी जन्माष्टमी बच्चों के लिहाज से बेहद खास रही। गलियोंं में नन्हें कृष्णा छोटे-छोटे पैरों से दौड़ते नजर आए। वहीं छोटी बच्चियों को नन्हीं-नन्हीं प्यारी राधा रानी सा सजाया गया। कई जगहों पर बाल गोपाल की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें नन्हें-मुन्ने बच्चों ने कान्हा और राधा के रूप में सजकर सभी का मन मोह लिया। सैनी एनक्लेव में बने श्रीराधा कृष्ण मंदिर में झांकियों के साथ-साथ सामूहिक भजन-कीर्तन भी किया गया जिसमें महिलाओं की टोली ने पारंपरिक गीतों के जरिये श्रीकृष्ण जन्म की कथाएं सुनाईं।
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