डीयू मिशन एडमिशन : एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम जैसी हो बारहवीं के विषय की सामग्री, वर्ना देना होगा प्रमाणपत्र
- डीयू की लिस्ट-ए, लिस्ट-बी से विषय केमे ल नहीं खाने पर प्रमाणपत्र देना होगा
- प्रमाणपत्र से प्रमाणित होगा कि पढ़े गए विषय की सामग्री एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के समान है
- सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों पर नियम लागू
- ऐसे मामलों पर डीयू प्रशासन का निर्णय अंतिम होगा, विद्यार्थियों को मानना होगा
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के अंर्तगत किसी यूजी कोर्स में दाखिले के लिए बारहवीं में पढ़े गए किसी पेपर की सामग्री एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के समान होनी चाहिए। पेपर का टाइटल डीयू के विषयों की लिस्ट-ए और लिस्ट-बी में शामिल विषयों से मेल नहीं खाने पर विद्यार्थियों को उस पेपर की सामग्री को प्रमाणित करना होगा।
इसके लिए उन्हें प्रिंसिपल के हस्ताक्षरयुक्त एक प्रमाणपत्र देना होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए यह नियम सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों केलिए है। प्रमाणपत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रमाणित करना होगा कि बारहवीं में जो पेपर पढ़ा है उसकी सामग्री एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम केसमान ही है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन की रेस जारी है। डीयू में दाखिला लेने के लिए सीबीएसई के अलावा अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों केलिए अपने पाठ्यक्रम को प्रमाणित किए जाने का नियम है। डीयू की ओर से दाखिले के लिए विषयों की दो सूची हैं जिसमें सूची-ए, व सूची बी है।
सूची-ए में भाषाओं को शामिल किया गया है जबकि सूची बी में इलेक्टिव विषयों को रखा गया है। अन्य बोर्ड में कई ऐसे पेपर होते हैं जिनका टाइटल डीयू की सूची ए और बी से मेल नहीं खाता है। लेकिन उस पेपर की सामग्री एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के समान होती है।
अन्य बोर्ड के विद्यार्थियों को इस प्रमाणपत्र केसाथ-साथ बारहवीं में पढ़े हुए विषय के पाठ्यक्रम की कॉपी को भी लगाना होगा। विद्यार्थी प्रमाणपत्र से यह प्रमाणित कराएगा कि उसके पेपर की सामग्री एनसीईआरटी के बारहवीं केपाठ्यक्रम से मेल खाती है।
सूची ए(भारतीय व विदेशी भाषाएं)
इस सूची में 23 भारतीय भाषाएं (इलेक्टिव व कोर), हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी, मलायलम, असमी, बंगालीं, बोड़ो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उडिय़ा, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगु शामिल हैं। इसके अलावा इसी सूची में ए-2 में 6 विदेशी भाषाएं इलेक्टिव व कोर रुप में अरेबिक, फ्रैंच, जर्मन, इटेलियन, स्पेनिश व पर्शियन शामिल है।
डीयू की सूची बी में इलेक्टिव विषय हैं
अकाउंट्स, एंथ्रोपॉलॉजी, बॉयोलॉजी-बॉयोकेमिस्ट्री-बॉयोटैक्नॉलॉजी, बिजनेस मैथमेटिक्स, केमिस्ट्री, सिविक्स, कॉमर्स, बिजनेस स्टडी, कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर ऐप्लिकेशन, इंर्फोमेटिक्स, प्रैक्टिस, इकोनॉमिक्स, जियोग्राफी, जियोलॉजी, हिस्ट्री, होम साइंस, लीगल स्टडी, मैथमेटिक्स, फिलॉस्फी, लॉजिक एंड फिलॉस्फी, फिजिक्स, पॉलिटिक्ल साइंस, साइकोलॉजी, सोशियोलॉजी, स्टैटिस्टिक्स।
दस दिनों में ही करीब दो लाख आवेदन
दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2021-22 मे एक एक सीट पर दाखिले की राह कठिन होती जा रही है। बाहरवीं के अच्छे रिजल्ट के कारण आवेदक एक दूसरे को टक्कर दे रहे हैं। महज दस दिनों में यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया के तहत करीब दो लाख पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि अभी आवेदन प्रक्रिया खत्म होने में 19 दिन का समय बाकी है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजी कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदन की खिड़की 2 अगस्त को खुली थी। तब से बृहस्पतिवार शाम तक 1, 96, 399 पंजीकरण हो चुके हैं। रात तक यह आंकड़ा दो लाख को पार कर जायेगा। कई ऐसे भी आवेदक हैं जो गलती होने पर एक से ज्यादा फॉर्म भर रहे है। इस कारण से पंजीकरण का आंकड़ा बढ़ रहा है। प्रशासन की और से बार आवेदन फॉर्म को ध्यान से भरने की सलाह दी जा रही है। जिससे कि आवेदक को एक से ज्यादा आवेदन ना करना पड़े। वहीँ पीजी कोर्सेज के 1, 18, 362 और एमफिल पीएचडी के लिए 16, 249 पंजीकरण हो चुके हैं।