{"_id":"6acf9ed8bb9c8445ab02ddb0","slug":"ten-students-immediately-suspended-at-dr-br-ambedkar-university-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: अनुशासनहीनता के आरोप में 10 छात्र तत्काल निलंबित, अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने लिया कड़ा एक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: अनुशासनहीनता के आरोप में 10 छात्र तत्काल निलंबित, अम्बेडकर विश्वविद्यालय ने लिया कड़ा एक्शन
Wed, 14 Oct 2026 09:00 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Wed, 14 Oct 2026 09:00 PM IST
सार
दिल्ली के डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता और तोड़फोड़ के मामले में 10 छात्रों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित छात्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
विज्ञापन
निलंबित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कश्मीरी गेट परिसर में कथित अनुशासनहीनता और तोड़फोड़ के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। 13 अक्टूबर की शाम हुई घटना के बाद मामले में शामिल 10 छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। छात्रों पर विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षाकर्मियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाथापाई करने के आरोप हैं।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय के अनुसार प्रॉक्टोरियल बोर्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए इसे प्रॉक्टोरियल बोर्ड और अनुशासनात्मक समिति को भेज दिया गया है।
विज्ञापन
निलंबन के दौरान परिसर में प्रवेश पर रोक
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निलंबन की अवधि के दौरान संबंधित छात्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। मामले की आगे जांच की जाएगी और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
वैध मांगों का समाधान होने का दावा
प्रशासन ने कहा है कि छात्रों की सभी वैध और नियमानुसार मांगों का पहले ही समाधान किया जा चुका था। इसके बावजूद हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़, कर्मचारियों के साथ अभद्रता और शैक्षणिक माहौल को बाधित करने वाली गतिविधियों को स्वीकार नही किया जा सकता।विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार परिसर में अनुशासन, सुरक्षा और शैक्षणिक गरिमा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। साथ ही, मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।