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दिल्ली: भाजपा का झंडा लहराने वाली मीनाक्षी लेखी ने भी ली शपथ, पढ़ें कैसा रहा सियासी सफर
Wed, 07 Jul 2021 07:25 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 07 Jul 2021 07:25 PM IST
सार
लगातार दो बार सांसद रह चुकीं मीनाक्षी लेखी ने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में नई दिल्ली से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने यहां भाजपा का परचम लहराया था। सांसद बनने से पहले लंबे समय से वह बतौर प्रवक्ता कई मंचों पर भाजपा का पक्ष रखती नजर आती थीं।
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meenakshi lekhi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रीमंडल विस्तार पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। लंबी बैठकों के बाद मंत्रीमंडल की नई टीम पर मुहर लगी और शाम छह बजे शुरू हुए कार्यक्रम में कुल 43 सांसद शपथ ग्रहण कर मोदी कैबिनेट में शामिल हुए। कई नए चेहरों के साथ बनी इस टीम को सबसे युवा टीम कहा जा रहा है। इसमें मंत्री पद की शपथ लेने वाले सांसदों में मीनाक्षी लेखी का भी नाम शामिल है। आइए जानते हैं कौन हैं मीनाक्षी लेखी और कैसा रहा है उनका अब तक का सियासी सफर-
नई दिल्ली सीट से लगातार दो बार सांसद
भारतीय जनता पार्टी के युवा नेताओं में मीनाक्षी लेखी का नाम भी शामिल है। लगातार दो बार सांसद रह चुकीं मीनाक्षी लेखी ने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में नई दिल्ली से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने यहां भाजपा का परचम लहराया था।
दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई करने वाली मीनाक्षी लेखी प्रखर वक्ता हैं और संसद में दिए गए उनके भाषण अक्सर चर्चा में रहते हैं। जनवरी 2019 में उन्होंने नागरिकता विधेयक पर चर्चा करते हुए मीनाक्षी लेखी ने अवैध रूप से भारत की सीमा में आने वाले घुसपैठियों के लिए ‘वाहियात’ शब्द का इस्तेमाल किया. करीब 5 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने 8 बार वाहियात शब्द का इस्तेमाल किया, जिसकी खूब चर्चा हुई। इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान भी उन्होंने कड़े तेवर के साथ सरकार की आर्थिक नीतियों का पक्ष रखते हुए शानदार भाषण दिया था। माना जा रहा है कि मंत्री बनने के बाद वे सरकार की उपलब्धियों को भी जोरदार तरीके से लोगों के सामने रखेंगी. सांसद बनने से पहले लंबे समय से वह बतौर प्रवक्ता कई मंचों पर भाजपा का पक्ष रखती नजर आती थीं। भाषा पर मजबूत पकड़ रखने वाली लेखी कई पत्रिकाओं में कॉलम भी लिखती हैं।
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सक्रिय राजनीति में उन्होंने साल 2010 में भाजपा का हाथ थामकर कदम रखा था। उस वक्त लेखी को भाजपा महिला मोर्चा का उपाध्यक्ष पद दिया गया था। साल 2013 में इन्हें पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। इसके बाद 2014 में लेखी ने अपना पहला चुनाव नई दिल्ली लोकसभा सीट से लड़ा और जीत हासिल की थी। 2017 में लेखी को बेस्ट डेब्यू वूमेन पार्लियामेंटेरियन के रूप में पार्लियामेंट लोकमत अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
पेशे से अधिवक्ता हैं मीनाक्षी लेखी
लंबे समय तक दिल्ली हाई कोर्ट में बतौर अधिवक्ता सेवा देने के बाद लेखी अब सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं और जानी-मानी वकील हैं। बतौर अधिवक्ता उन्हें महिला संबंधित मुद्दों को लेकर सक्रिय देखा जाता है। इनमें विशेष रूप से घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और आर्म्ड फोर्सेज में महिलाओं के लिए स्थाई कमीशन जैसे मुद्दे शामिल हैं। सामाजिक कार्यों में सक्रिय होने के साथ ही लेखी राष्ट्रीय महिला आयोग से भी जुड़ी रही हैं।
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नई दिल्ली सीट से लगातार दो बार सांसद
भारतीय जनता पार्टी के युवा नेताओं में मीनाक्षी लेखी का नाम भी शामिल है। लगातार दो बार सांसद रह चुकीं मीनाक्षी लेखी ने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में नई दिल्ली से जीत हासिल की थी। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने यहां भाजपा का परचम लहराया था।
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दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई करने वाली मीनाक्षी लेखी प्रखर वक्ता हैं और संसद में दिए गए उनके भाषण अक्सर चर्चा में रहते हैं। जनवरी 2019 में उन्होंने नागरिकता विधेयक पर चर्चा करते हुए मीनाक्षी लेखी ने अवैध रूप से भारत की सीमा में आने वाले घुसपैठियों के लिए ‘वाहियात’ शब्द का इस्तेमाल किया. करीब 5 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने 8 बार वाहियात शब्द का इस्तेमाल किया, जिसकी खूब चर्चा हुई। इसी साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान भी उन्होंने कड़े तेवर के साथ सरकार की आर्थिक नीतियों का पक्ष रखते हुए शानदार भाषण दिया था। माना जा रहा है कि मंत्री बनने के बाद वे सरकार की उपलब्धियों को भी जोरदार तरीके से लोगों के सामने रखेंगी. सांसद बनने से पहले लंबे समय से वह बतौर प्रवक्ता कई मंचों पर भाजपा का पक्ष रखती नजर आती थीं। भाषा पर मजबूत पकड़ रखने वाली लेखी कई पत्रिकाओं में कॉलम भी लिखती हैं।
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सक्रिय राजनीति में उन्होंने साल 2010 में भाजपा का हाथ थामकर कदम रखा था। उस वक्त लेखी को भाजपा महिला मोर्चा का उपाध्यक्ष पद दिया गया था। साल 2013 में इन्हें पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया। इसके बाद 2014 में लेखी ने अपना पहला चुनाव नई दिल्ली लोकसभा सीट से लड़ा और जीत हासिल की थी। 2017 में लेखी को बेस्ट डेब्यू वूमेन पार्लियामेंटेरियन के रूप में पार्लियामेंट लोकमत अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
पेशे से अधिवक्ता हैं मीनाक्षी लेखी
लंबे समय तक दिल्ली हाई कोर्ट में बतौर अधिवक्ता सेवा देने के बाद लेखी अब सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं और जानी-मानी वकील हैं। बतौर अधिवक्ता उन्हें महिला संबंधित मुद्दों को लेकर सक्रिय देखा जाता है। इनमें विशेष रूप से घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और आर्म्ड फोर्सेज में महिलाओं के लिए स्थाई कमीशन जैसे मुद्दे शामिल हैं। सामाजिक कार्यों में सक्रिय होने के साथ ही लेखी राष्ट्रीय महिला आयोग से भी जुड़ी रही हैं।