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दावा: कोरोना के विभिन्न म्यूटेंट पर भी वैक्सीन असरदार, अपोलो के स्वास्थ्य कर्मियों पर किया गया अध्ययन
Thu, 27 May 2021 02:06 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 27 May 2021 02:06 AM IST
सार
अस्पताल के अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उनमें से सिर्फ 0.06 फीसदी ही ऐसे हैं, जिन्हें फिर से संक्रमण हुआ है। इनमें से भी अस्पताल में भर्ती होने वाली की संख्या काफी कम रही।
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वैक्सीन की डोज लेती युवती।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कोरोना की वैक्सीन विभिन्न म्यूटेंट पर भी वैक्सीन असरदार है। अपोलो अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों पर किए गए अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है। अस्पताल के समूह चिकित्सा निदेशक डॉक्टर अनुपम सिब्बल ने बताया कि अपोलो के 69 स्वास्थ्य कर्मचारी वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना से संक्रमित हो गए थे। इसे ब्रेक थ्रू इन्फेक्शन कहा जाता है। संक्रमित हुए करीब 48 फीसदी कर्मियों में कोरोना का क्च1.617.2 स्ट्रेन मिला। इससे संक्रमित होने के बावजूद भी इन कर्मचारियों में से किसी में भी गंभीर लक्षण नहीं आए। इससे यह बाद साबित होती है की वैक्सीन अलग-अलग स्ट्रेन पर काम कर रही है।
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अस्पताल के अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जिन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उनमें से सिर्फ 0.06 फीसदी ही ऐसे हैं, जिन्हें फिर से संक्रमण हुआ है। इनमें से भी अस्पताल में भर्ती होने वाली की संख्या काफी कम रही। यह दर्शाता है कि वैक्सीन शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बना रही है। इसलिए सभी लोगों से अपील है कि वह वैक्सीन जरूर लगवाएं। अस्पताल के मुताबिक, क्च1.617.2 स्ट्रेन के कारण ही देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े थे। इसको कोरोना का काफी घातक स्वरूप माना गया था।
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