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विद्यार्थियों को छह के बजाय दो साल में करना होगा अतिरिक्त विषय के लिए आवेदन
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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के दसवीं व बारहवीं के विद्यार्थी अब अतिरिक्त विषय में पढ़ाई के लिए दो साल के भीतर ही आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड ने अतिरिक्त विषय के लिए आवेदन करने की समय सीमा को छह साल से घटा कर दो साल कर दिया है। यह नियम वर्ष 2021 की परीक्षा से लागू होने जा रहा है।
सीबीएसई परीक्षा उप नियमों के अनुसार एक विद्यार्थी जिसने बोर्ड परीक्षा पास की हो, वह अतिरिक्त विषयों की सूची में से किसी एक अतिरिक्त विषय के लिए छह साल के भीतर आवेदन कर सकता था। हालांकि जिन अतिरिक्त विषयों में प्रैक्टिकल शामिल होता है, उनके लिए आवेदन नहीं किया जा सकता। अब बोर्ड ने इस समय को घटाकर दो साल कर दिया है।
बोर्ड के अनुसार अक्सर ऐसा होता है कि विद्यार्थी ने पांच विषयों (एक भाषा व चार इलेक्टिव विषयों) के साथ पढ़ाई पूरी की हो। लेकिन नौकरी में किसी विषय की अनिवार्यता दी गई हो तो वह अतिरिक्त विषयों की सूची में से उस विषय का चयन कर उसके लिए आवेदन कर सकता है। जिससे वह उस विषय की परीक्षा दे सके।
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कई बार ऐसा होता है कि सरकारी नौकरी में हिंदी की अनिवार्यता होती है। अगर संबंधित विद्यार्थी ने हिंदी नहीं पढ़ी है तो वह अतिरिक्त विषय के रूप में लेकर उसकी परीक्षा दे सकता है। हालांकि उसे अब दो साल के भीतर ही आवेदन करना पड़ेगा। बोर्ड की व्यवस्था के अनुसार दसवीं में अतिरिक्त विषयों को मिलाकर सात विषयों व बारहवीं में अतिरिक्त विषय के साथ छह विषयों की पढ़ाई की जा सकती है।
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सीबीएसई परीक्षा उप नियमों के अनुसार एक विद्यार्थी जिसने बोर्ड परीक्षा पास की हो, वह अतिरिक्त विषयों की सूची में से किसी एक अतिरिक्त विषय के लिए छह साल के भीतर आवेदन कर सकता था। हालांकि जिन अतिरिक्त विषयों में प्रैक्टिकल शामिल होता है, उनके लिए आवेदन नहीं किया जा सकता। अब बोर्ड ने इस समय को घटाकर दो साल कर दिया है।
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बोर्ड के अनुसार अक्सर ऐसा होता है कि विद्यार्थी ने पांच विषयों (एक भाषा व चार इलेक्टिव विषयों) के साथ पढ़ाई पूरी की हो। लेकिन नौकरी में किसी विषय की अनिवार्यता दी गई हो तो वह अतिरिक्त विषयों की सूची में से उस विषय का चयन कर उसके लिए आवेदन कर सकता है। जिससे वह उस विषय की परीक्षा दे सके।
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कई बार ऐसा होता है कि सरकारी नौकरी में हिंदी की अनिवार्यता होती है। अगर संबंधित विद्यार्थी ने हिंदी नहीं पढ़ी है तो वह अतिरिक्त विषय के रूप में लेकर उसकी परीक्षा दे सकता है। हालांकि उसे अब दो साल के भीतर ही आवेदन करना पड़ेगा। बोर्ड की व्यवस्था के अनुसार दसवीं में अतिरिक्त विषयों को मिलाकर सात विषयों व बारहवीं में अतिरिक्त विषय के साथ छह विषयों की पढ़ाई की जा सकती है।