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फ्लाइट में लधुशंका से रोका तो डीजीसीए कर्मचारी का किया अहपरण
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नई दिल्ली। लैंडिंग के समय विमान में लघुशंका नहीं करने देने पर सेक्टर-23 रोहिणी निवासी कांट्रेक्टर वैभव चतुर्वेदी इतना नाराज हुआ कि टैक्सी चालक कंवर सिंह (37) के साथ डीजीसीए के एक कर्मचारी का अपहरण कर लिया। दोनों कर्मचारी को मेडिकल कराने के नाम पर सफदरजंग अस्पताल ले गए और उसका मोबाइल छीन लिया। बचाने आए साथी का मोबाइल भी इन्होंने ले लिया। बाद में उन्हें बीपी मार्ग पर कोटला मुबारकरपुर लाल बत्ती के पास उतारकर फरार हो गए। लोदी कॉलोनी थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पीड़ितों के मोबाइल व परिचय पत्र आदि मिल गए हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार, वैभव गो एयर की फ्लाइट से वाराणसी से 7 जनवरी को दिल्ली आया था। फ्लाइट लैंड करने वाली थी, तभी वैभव लघुशंका के लिए जाने लगा। कर्मचारियों ने उसे जाने नहीं दिया। इस पर उसकी फ्लाइट के स्टाफ से कहासुनी हुई। 8 जनवरी को वैभव टैक्सी चालक कंवर उर्फ सोनू के साथ इसकी शिकायत करने डीजीसीए कार्यालय पहुंच गया। उसके मुताबिक, यहां एक कमरे में उसे तीन-चार युवक आपत्तिजनक स्थिति में मिले। उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया तो वह गुस्सा गया। खुद को सीनियर पुलिस अधिकारी बताते हुए वैभव ने मेडिकल कराने के नाम पर कनिष्ठ सचिवालय अटेंडेंट सुरेंद्र का अपहरण कर लिया। उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाकर मेडिकल तो नहीं कराया, लेकिन मोबाइल व परिचय पत्र छीन लिया।
सुरेंद्र का साथी डीजीसीए का एमटीएस राजकिशोर आया तो वैभव ने उसका भी मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वे दोनों को केएमपुर लाल बत्ती पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर रिपोर्ट दर्ज कर लोदी कॉलोनी थानाध्यक्ष सुनील ढाका की देखरेख में इंस्पेक्टर सीताराम मीणा व एसआई एके झा की टीम ने जांच शुरू की। वैभव सुरेंद्र को मोबाइल नंबर देकर गया था, मगर उसका पता यूपी के आरके पुरम वाराणसी आ रहा था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली में रोहिणी से वैभव चतुर्वेदी व टैक्सी चालक कंवर सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया।
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वाराणसी में सड़क निर्माण ठेकेदार था : पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से वाराणसी के आरके पुरम निवासी वैभव (24) ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेन इन लॉ की डिग्री ली है। इसके बाद उसने कुछ समय तक वहां सड़क निर्माण ठेकेदार के तौर पर काम किया। फिलहाल वह कुछ नहीं कर रहा था। मूल रूप से हरियाणा में सोनीपत के खरखौदा निवासी कंवर सिंह कंझावला में रहता है। वह दो वर्षों से उबेर टैक्सी चला रहा है। वह छह महीने से वैभव के लिए कैब चला रहा था। इस कारण दोनों की दोस्ती हो गई थी। उसका कहना था कि वह वैभव को बड़ा अधिकारी समझता था, इसलिए उसकी बात मानता था।
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दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार, वैभव गो एयर की फ्लाइट से वाराणसी से 7 जनवरी को दिल्ली आया था। फ्लाइट लैंड करने वाली थी, तभी वैभव लघुशंका के लिए जाने लगा। कर्मचारियों ने उसे जाने नहीं दिया। इस पर उसकी फ्लाइट के स्टाफ से कहासुनी हुई। 8 जनवरी को वैभव टैक्सी चालक कंवर उर्फ सोनू के साथ इसकी शिकायत करने डीजीसीए कार्यालय पहुंच गया। उसके मुताबिक, यहां एक कमरे में उसे तीन-चार युवक आपत्तिजनक स्थिति में मिले। उसकी शिकायत पर किसी ने ध्यान नहीं दिया तो वह गुस्सा गया। खुद को सीनियर पुलिस अधिकारी बताते हुए वैभव ने मेडिकल कराने के नाम पर कनिष्ठ सचिवालय अटेंडेंट सुरेंद्र का अपहरण कर लिया। उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाकर मेडिकल तो नहीं कराया, लेकिन मोबाइल व परिचय पत्र छीन लिया।
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सुरेंद्र का साथी डीजीसीए का एमटीएस राजकिशोर आया तो वैभव ने उसका भी मोबाइल छीन लिया। इसके बाद वे दोनों को केएमपुर लाल बत्ती पर छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर रिपोर्ट दर्ज कर लोदी कॉलोनी थानाध्यक्ष सुनील ढाका की देखरेख में इंस्पेक्टर सीताराम मीणा व एसआई एके झा की टीम ने जांच शुरू की। वैभव सुरेंद्र को मोबाइल नंबर देकर गया था, मगर उसका पता यूपी के आरके पुरम वाराणसी आ रहा था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दिल्ली में रोहिणी से वैभव चतुर्वेदी व टैक्सी चालक कंवर सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया।
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वाराणसी में सड़क निर्माण ठेकेदार था : पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से वाराणसी के आरके पुरम निवासी वैभव (24) ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेन इन लॉ की डिग्री ली है। इसके बाद उसने कुछ समय तक वहां सड़क निर्माण ठेकेदार के तौर पर काम किया। फिलहाल वह कुछ नहीं कर रहा था। मूल रूप से हरियाणा में सोनीपत के खरखौदा निवासी कंवर सिंह कंझावला में रहता है। वह दो वर्षों से उबेर टैक्सी चला रहा है। वह छह महीने से वैभव के लिए कैब चला रहा था। इस कारण दोनों की दोस्ती हो गई थी। उसका कहना था कि वह वैभव को बड़ा अधिकारी समझता था, इसलिए उसकी बात मानता था।