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दिल्ली: लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के दो आरोपी गिरफ्तार, सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल था एक
Mon, 04 Jul 2022 02:52 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 04 Jul 2022 02:52 PM IST
सार
गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक जिसकी पहचान अंकित के रूप में की गई है, वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल था।
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sidhu moosewala
- फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
विस्तार
नई दिल्ली रेंज के स्पेशल सेल की एक टीम ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के दो मोस्ट वांटेड आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक जिसकी पहचान अंकित के रूप में की गई है, वह पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल था। इसके अलावा वह राजस्थान में हत्या के प्रयास के दो अन्य जघन्य मामलों में भी शामिल था।
दोनों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ना चाहती थी जो सच में जाकर हत्या में शामिल हुए थे, जिन्होंने हत्या की थी। पुलिस ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या अंकित का पहला मर्डर था।
दूसरा आरोपी सचिन भिवानी सिद्धू मूसेवाला मामले के चार शूटरों को शरण देने के लिए जिम्मेदार था। राजस्थान के चुरू के जघन्य मामले में भी वह वांछित चल रहा था। राजस्थान में बिश्नोई गैंग के सभी ऑपरेशनों को संभालने का काम सचिन ही करता था।
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बीते दिनों सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर रह चुका शगनप्रीत सिंह भी कोर्ट पहुंचा था। उसने बताया था कि अब उसकी जान को भी खतरा है। हाईकोर्ट में उसने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी।
शगनप्रीत ने अपनी जान को खतरा बताया और पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की थी। उसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से खतरा बताया था। शगनप्रीत सिंह का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है और अब ये दोनों उसकी हत्या भी करवा सकते हैं।
वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बीते 28 जून को अमृतसर कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से उसे छह जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया गया था। मूसेवाला की हत्या के लिए एके-47 यूपी के बुलंदशहर से खरीदी गई थी। इस हत्याकांड की जांच कर रही एजेंसियों को यह जानकारी पूछताछ के आधार पर मिली है। लॉरेंस ने यूपी के हथियार सप्लायर कुर्बान-इमरान गैंग की जानकारी देते हुए जांच अधिकारियों को बताया है कि उसका गैंग अक्सर इस गैंग से ही हथियार खरीदता रहा है।
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दोनों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि हत्याकांड के मास्टरमाइंड को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ना चाहती थी जो सच में जाकर हत्या में शामिल हुए थे, जिन्होंने हत्या की थी। पुलिस ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या अंकित का पहला मर्डर था।
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दूसरा आरोपी सचिन भिवानी सिद्धू मूसेवाला मामले के चार शूटरों को शरण देने के लिए जिम्मेदार था। राजस्थान के चुरू के जघन्य मामले में भी वह वांछित चल रहा था। राजस्थान में बिश्नोई गैंग के सभी ऑपरेशनों को संभालने का काम सचिन ही करता था।
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बीते दिनों सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर रह चुका शगनप्रीत सिंह भी कोर्ट पहुंचा था। उसने बताया था कि अब उसकी जान को भी खतरा है। हाईकोर्ट में उसने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए एक याचिका दाखिल की थी।
शगनप्रीत ने अपनी जान को खतरा बताया और पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की थी। उसने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से खतरा बताया था। शगनप्रीत सिंह का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग ने ही सिद्धू मूसेवाला की हत्या करवाई है और अब ये दोनों उसकी हत्या भी करवा सकते हैं।
वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को बीते 28 जून को अमृतसर कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से उसे छह जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया गया था। मूसेवाला की हत्या के लिए एके-47 यूपी के बुलंदशहर से खरीदी गई थी। इस हत्याकांड की जांच कर रही एजेंसियों को यह जानकारी पूछताछ के आधार पर मिली है। लॉरेंस ने यूपी के हथियार सप्लायर कुर्बान-इमरान गैंग की जानकारी देते हुए जांच अधिकारियों को बताया है कि उसका गैंग अक्सर इस गैंग से ही हथियार खरीदता रहा है।