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24 साल कैद की सजा के फैसले को सोनू पंजाबन ने दी चुनौती
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नई दिल्ली। मानव तस्करी और सेक्स रैकेट मामले में 24 साल कैद की सजा काट रही दोषी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट चुनौती दी है। निचली अदालत ने सोनू पंजाबन व उसके सहयोगी को दोषी ठहराने के बाद 16 जुलाई को सजा सुनाई थी। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सोनू पंजाबन ने महिला कहलाने की सभी हदें पार कर दी हैं और वह कठोर सजा की हकदार है।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने बुधवार को सोनू पंजाबन की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर की तारीख तय की है। सोनू पंजाबन ने वकील आर.एम. तुफैल और आस्था के जरिये याचिका दायर कर उसे दोषी ठहराए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
निचली अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म, बाल तस्करी और रैकेट जैसे गंभीर अपराधों की दोषी ठहराने के बाद सोनू पंजाबन व उसके साथी संदीप बेदवाल को भी 24 साल जेल की सजा सुनाई थी। अदालत ने संदीप को अतिरिक्त 20 साल की सजा भी सुनाई थी। अदालत ने सोनू पंजाबन पर 64 हजार और संदीप बेदवाल पर 65 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित बच्ची ने इन अभियुक्तों की कैद में जो बर्दाश्त किया वह असहनीय था। यह मासूम बच्ची स्कूल जाने और खेलने की उम्र में न जाने कितनी जगह बेची गई। कितनी बार दुष्कर्म का शिकार हुई।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने बुधवार को सोनू पंजाबन की याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर की तारीख तय की है। सोनू पंजाबन ने वकील आर.एम. तुफैल और आस्था के जरिये याचिका दायर कर उसे दोषी ठहराए जाने के फैसले को चुनौती दी है।
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निचली अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म, बाल तस्करी और रैकेट जैसे गंभीर अपराधों की दोषी ठहराने के बाद सोनू पंजाबन व उसके साथी संदीप बेदवाल को भी 24 साल जेल की सजा सुनाई थी। अदालत ने संदीप को अतिरिक्त 20 साल की सजा भी सुनाई थी। अदालत ने सोनू पंजाबन पर 64 हजार और संदीप बेदवाल पर 65 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित बच्ची ने इन अभियुक्तों की कैद में जो बर्दाश्त किया वह असहनीय था। यह मासूम बच्ची स्कूल जाने और खेलने की उम्र में न जाने कितनी जगह बेची गई। कितनी बार दुष्कर्म का शिकार हुई।