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दिल्ली: सोशल मीडिया की लत खतरनाक! हाईकोर्ट पहुंचा मामला, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

Wed, 09 Sep 2026 09:45 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 09:45 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया मंचों पर 'इनफिनिट स्क्रॉल' और 'ऑटोप्ले' जैसी लत लगाने वाली डिजाइन विशेषताओं की जांच के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें एक विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई है।

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Social media addiction is dangerous Matter reaches High Court government intervention sought in Delhi
फाइल फोटो - फोटो : ANI

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया मंचों पर 'इनफिनिट स्क्रॉल' और 'ऑटोप्ले' जैसी लत लगाने वाली डिजाइन विशेषताओं की जांच के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें एक विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग की गई है। यह याचिका चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई थी।

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जस्टिस करिया ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अब इस मामले की सुनवाई अगले हफ्ते किसी दूसरी पीठ के सामने होगी। याचिकाकर्ता विकास कथुरिया, जो बीएमएल मुंजल यूनिवर्सिटी में विधि के प्रोफेसर हैं, ने यह याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा मंचों पर सामग्री नहीं, बल्कि उनका लत लगाने वाला डिजाइन है। ये मंच 'इनफिनिट स्क्रॉल', 'ऑटोप्ले' और एल्गोरिदम से तैयार व्यक्तिगत फ़ीड का उपयोग करते हैं। अधिसूचना प्रणाली और 'पसंद' जैसे परिवर्तनीय-पुरस्कार जुड़ाव मापदंड भी शामिल हैं। ये सभी उपयोगकर्ता का ध्यान खींचते हैं और उसे बनाए रखते हैं, जिससे बार-बार उत्तेजित होकर लत लग जाती है।
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भारतीय युवाओं पर प्रभाव
याचिका में भारतीय संदर्भ में इस चिंता को महत्वपूर्ण बताया गया है। आंकड़े दर्शाते हैं कि 18-24 साल के भारतीय युवा प्रतिदिन औसतन 120 मिनट से अधिक समय सोशल मीडिया पर बिताते हैं। वकीलों कार्तिका शर्मा, हर्षा साधवानी और सुभिका जोशी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि यह चिकित्सकीय रूप से सिद्ध हो चुका है। सोशल मीडिया पर लंबे समय तक रहने का संबंध किशोरों में आत्महत्या और अवसाद से है।
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सरकार से मांगें
याचिका में कोर्ट से केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है। इसमें 'इनफिनिट स्क्रॉल', 'ऑटोप्ले', एल्गोरिदम से तैयार फ़ीड और लगातार आने वाली अधिसूचनाओं के उपयोग को सीमित करने, रोकने या नियमित करने को कहा गया है। याचिका में सोशल मीडिया मंचों पर जुड़ाव बढ़ाने वाली डिजाइन विशेषताओं की जांच करने की भी मांग है। सुरक्षा उपायों की सिफारिश करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने की भी मांग की गई है।

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