फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Singhu lynching case be investigated by Supreme Court judge demands Samyukt Kisan Morcha

सिंघु बॉर्डर हत्याकांड: संयुक्त किसान मोर्चा की मांग, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश करें मामले की जांच

Thu, 21 Oct 2021 09:00 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Thu, 21 Oct 2021 09:00 PM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा ने सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या की जांच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराने और केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश चौधरी के इस्तीफे की मांग की।

विज्ञापन
Singhu lynching case be investigated by Supreme Court judge demands Samyukt Kisan Morcha
सिंघु बॉर्डर पर तैनात सुरक्षाबल - फोटो : एएनआई

विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सिंघु बॉर्डर पर हुई हत्या की जांच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराने और केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और कैलाश चौधरी के इस्तीफे की मांग की। केंद्रीय मंत्रियों ने एक निहंग सिख नेता से मुलाकात की थी, जिसका समूह कथित रूप से सिंघु बॉर्डर पर हुई क्रूर हत्या के मामले में संलिप्त था।

विज्ञापन


किसान संगठनों की एक संयुक्त इकाई ने लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी के साथ-साथ कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन के 11 महीने पूरे होने पर अखिल भारतीय धरना का भी आह्वान किया।
विज्ञापन


मोर्चा ने एक बयान में कहा, एसकेएम की मांग है कि केंद्रीय मंत्रियों नरेंद्र सिंह तोमर और कैलास चौधरी को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। दोनों मंत्रियों के उस निहंग सिख नेता से मुलाकात की तस्वीरें हैं, जिसका संगठन इस बर्बर हत्या में शामिल रहा है। इसमें किसानों को फंसाने और बदनाम करने की साजिश का पता लगाने के लिए एसकेएम की मांग है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए। मोर्चा ने कहा कि ऐसी घटनाओं से किसानों के आंदोलन को बदनाम करने और उसे हिंसा में फंसाने की साजिश है।

विज्ञापन
विज्ञापन

15 अक्तूबर को एक दलित मजदूर लखबीर सिंह का शव सिंघु बॉर्डर पर एक बैरीकेड पर लटका मिला था, जहां कृषि कानून विरोधी प्रदर्शनकारी तंबुओं में रुके हुए हैं। शव का हाथ कटा हुआ था और शरीर पर धारदार हथियार द्वारा किए गए कई घाव थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो क्लिप में कुछ निहंग उस घायल व्यक्ति के चारों तरफ खड़े नजर आ रहे थे और इस दौरान आदमी का कटा हुआ बायां हाथ उसके आगे पड़ा हुआ था। निहंगों को उस आदमी पर सिखों की पवित्र किताब का अपमान करने का आरोप लगाते सुना जा रहा था।

एसकेएम ने कहा कि पंजाब के 32 किसान संगठनों ने कल सिंघु बॉर्डर पर बैठक की थी। घटना की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट सौंपने के लिए पांच सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed