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Delhi: जूता कंपनी में खाता खोलने के लिए लिया आधार और पैन कार्ड, 15 हजार की सैलरी... कर ली 48 करोड़ की हेराफेरी
Tue, 13 Jan 2026 04:34 AM IST
Digvijay Singh
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 13 Jan 2026 04:34 AM IST
सार
दिल्ली में 15 हजार रुपये की डाटा एंट्री की नौकरी करने वाले युवक के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर 48 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है।
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दिल्ली पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में 15 हजार रुपये की डाटा एंट्री की नौकरी करने वाले युवक के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर 48 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक में जूता कंपनी में खाता खोलने के लिए पीड़ित ने आधार और पैन कार्ड दिया था। उसके आधार पर करंट अकाउंट खोलकर धोखाधड़ी की गई है।
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बिहार के सिवान का रहने वाला युवक नौकरी की तलाश में अप्रैल 2019 में दिल्ली आया। एक दोस्त के जरिए उसे इंद्रलोक की एक जूता कंपनी में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी भी मिल गई। कुछ माह नौकरी करने के बाद वह वापस बिहार लौट गया। बिहार में पीड़ित युवक ने अपना काम शुरू कर दिया। इस बीच 31 जनवरी 2023 को कर्नाटक इनकम टैक्स ऑफिस से पीड़ित करन कुमार राम (40) को एक नोटिस मिला। करन को बताया गया कि उनके नाम से एक कंपनी बनी हुई है और उसका जीएसटी नंबर भी लिया हुआ है। कंपनी के खाते से 2020-21 में 48 करोड़ की लेनदेन कर हेराफेरी की गई है। इसके अलावा 2019-2020 में 35 लाख से अधिक की लेनदेन हुई है। नोटिस देखते ही करन के होश उड़ गए। पीड़ित ने नोटिस के खिलाफ सिवान की जिला अदालत में एप्लीकेशन दी और खुद को निर्दाेष बताया। इसके बाद दिसंबर 2023 में गुरुग्राम और कुछ ही दिनों बाद सिवान इनकम टैक्स दफ्तर से भी इसी तरह का नोटिस आया।
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दिसंबर में दिल्ली पुलिस को मिला केस
इनकम टैक्स विभाग से मिले नोटिस में पीड़ित से कहा गया कि उसने अपने खाते में इतनी बड़ी रकम कैसे खर्च की। पीड़ित ने बताया कि उसने इतनी बड़ी रकम कभी देखी भी नहीं, वह बस किसी तरह गुजारा करने वाला व्यक्ति है। पीड़ित ने मामले की शिकायत 24 दिसंबर 2025 को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से की। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी अपनी शिकायत में पीड़ित करन कुमार राम ने बताया कि दिल्ली आने के बाद दोस्त अरविंद तिवारी ने उसकी मुलाकात जानकार सौरभ द्विवेदी से करवाई। सौरभ ने इंद्रलोक की जूता कंपनी में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी पर पीड़ित को रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसे 15 हजार रुपये सैलरी पर रख लिया गया।
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सैलरी कैश में फिर भी खोला खाता
सैलरी कैश देने के बावजूद सौरभ ने पीड़ित से सैलरी अकाउंट खोलने के नाम पर पैन कार्ड और आधार की मांग की। आरोपी ने कुछ तकलीफ बताकर पीड़ित के आधार कार्ड का पता भी बदलवा दिया। नवंबर 2019 में करन दिवाली पर घर चला गया। इसके बाद सौरभ द्विवेदी ने करन से दिल्ली वापस न आने के लिए कहा। करन ने भी बिहार में अपना काम शुरू कर दिया। अब उसे ठगी का पता चला है।