दिल्ली: कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर शिरोमणि अकाली दल 17 सितंबर को मनाएगा काला दिवस, संसद तक निकालेगा विरोध मार्च
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने तीन कृषि कानूनों के अधिनियमन के एक वर्ष पूरा होने पर 17 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
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केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर शिरोमणि अकाली दल 17 सितंबर यानी कल 'ब्लैक फ्राइडे प्रोटेस्ट मार्च' का आयोजन करेगा। मार्च गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब से संसद भवन तक निकाला जाएगा। विरोध मार्च का नेतृत्व पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और नेता हरसिमरत कौर बादल करेंगे।
Shiromani Akali Dal to organise a 'Black Friday Protest March' tomorrow from Gurdwara Rakab Ganj Sahib to the Parliament building to mark one year of the three farm laws. The protest march will be led by party chief Sukhbir Singh Badal and leader Harsimrat Kaur Badal.
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(File pic) pic.twitter.com/NKQD0XKIrW — ANI (@ANI) September 16, 2021
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने तीन कृषि कानूनों के अधिनियमन के एक वर्ष पूरा होने पर 17 सितंबर को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली में पार्टी कार्यकर्ता किसानों के साथ तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर संसद तक विरोध मार्च निकालेंगे।
वहीं, कृषि कानूनों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल की ओर से शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने जा रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने झाड़ोदा बॉर्डर पर रोक दिया। इसके साथ ही पंजाब नंबर की सभी गाड़ियों को लौटा दिया गया। रोके जाने पर अकाली कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया, लेकिन सीआरपीएफ व दिल्ली पुलिस के जवानों ने उनकी नहीं सुनी। कुछ देर बाद बॉर्डर से कार्यकर्ता लौट गए।
अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल के नेतृत्व में रकाबगंज गुरुद्वारा से संसद भवन तक रोष यात्रा निकाली जानी है। पार्टी ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने का एलान किया है। इसी प्रदर्शन में भाग लेने के लिए कार्यकर्ता जा रहे थे। अकाली दल के बुढलाडा हलका प्रधान निशान सिंह ने बताया कि 300 से ज्यादा कार्यकर्ता छह बसों व आठ कारों में सवार होकर आए थे।
निशान सिंह ने बताया कि वे दिल्ली जरूर जाएंगे। शुक्रवार सुबह तक उनके हजारों वाहन दिल्ली सीमा तक पहुंच जाएंगे। इसलिए कार्यकर्ता फिलहाल इंतजार करेंगे और मौका मिलने पर दिल्ली में प्रवेश कर जाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि कानून बने हुए इसी माह एक साल पूरा हो जाएगा।