फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Scorched patients can also be treated in AIIMS

एम्स में झुलसे मरीज भी करा सकेंगे इलाज

Tue, 19 Jan 2021 01:47 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 01:47 AM IST
विज्ञापन
Scorched patients can also be treated in AIIMS
नई दिल्ली। दिल्ली एम्स में अब झुलसे मरीजों का भी उपचार होगा। सोमवार को हवन के साथ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी के नए ब्लॉक का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया। करीब दो साल के इंतजार के बाद मरीजों को यह नया ब्लॉक मिला है। मंगलवार से यह शुरू हो जाएगा। अभी तक सफदरजंग अस्पताल में ही झुलसे मरीजों का उपचार हो रहा था।
विज्ञापन

एम्स के वरिष्ठ डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि अभी तक जलने के केस एम्स में नहीं लिए जाते थे लेकिन अब अलग से इन मरीजों के लिए सुविधा तैयार हो चुकी है। जल्द ही अस्पताल में ओपीडी सेवा भी शुरू होगी। साथ ही नया ब्लॉक बनने से दिल्ली एम्स में प्लास्टिक सर्जरी की वेटिंग भी कम हो सकेगी। इस ब्लॉक में ओपीडी से लेकर आईसीयू और ऑपरेशन थियेटर तक का इंतजाम है। इसी ब्लॉक पर त्वचा बैंक भी है। हालांकि अभी तक यहां कोई त्वचा दान में नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के चलते यह ब्लॉक शुरू होने में थोड़ा वक्त लगा है, लेकिन अब इस ब्लॉक के जरिये बहुत सी चिकित्सीय सेवाएं शुरू हो जाएंगी। बालों से लेकर हाथ तक का प्रत्यारोपण यहां हो सकेगा।
विज्ञापन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में प्रति वर्ष जलने की 70 लाख घटनाएं होती हैं और प्रति वर्ष 1.4 लाख जलने से प्रभावित लोगों की मौत होती है। इसके अलावा 2.4 लाख ऐसे रोगियों में गंभीर विकृति उत्पन्न हो जाती है। बड़ी जनसंख्या के कारण जले हुए लोगों का उपचार करने वाले अधिकांश केंद्र रोगियों से भरे रहते हैं, जबकि अति उन्नत उपचार और देखभाल नाममात्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन

100 बिस्तरों की व्यवस्था
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि इस ब्लॉक में 100 बेड होंगे। इनमें से 30 आईसीयू बेड, 10 प्राइवेट बेड और 60 जनरल बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। इस बर्न और प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में 30 आईसीयू बेड 30 अलग-अलग कमरों में होंगे। इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों के लिए छह बेड की व्यवस्था है। 24040 वर्ग मीटर में मौजूद इस आठ मंजिला ब्लॉक में रसोई, लॉन्ड्री और एक समय में 250 वाहनों को पार्क करने की सुविधा भी है। ब्लॉक में एक वर्ष में 15 हजार झुलसे मरीजों की आपात स्थिति में उपचार करने और 5 हजार को दाखिल करने की क्षमता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed