फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   School students welcomed the division of the session into two parts said Half the syllabus will reduce burden

दिल्ली: स्कूली छात्रों ने सत्र को दो हिस्सों में बांटने का किया स्वागत, कहा- आधा-आधा पाठ्यक्रम बोझ को कम करेगा

Tue, 06 Jul 2021 11:12 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Tue, 06 Jul 2021 11:12 PM IST
सार

मॉर्डन स्कूल के बारहवीं के छात्र नितिन शर्मा ने कहा कि इस योजना से छात्रों को एक ही बार में पूरा पाठ्यक्रम पढने की जरुरत नहीं पड़ेगी। पचास-पचास फीसदी पाठ्यक्रम होने के कारण बच्चों के सिर से बोझ काफी कम होगा।

विज्ञापन
School students welcomed the division of the session into two parts said Half the syllabus will reduce burden
स्कूली छात्र - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं-बारहवीं के छात्रों के लिए सत्र को दो हिस्सों में बांटने का स्कूली छात्रों ने स्वागत किया है। छात्रों ने इसे सही समय पर उठाया गया छात्र हितैषी कदम बताया है। छात्रों का मानना है कि इस कदम से ना केवल वह बेहतर तैयारी कर सकेंगे, बल्कि शिक्षक भी उन्हें समय से बेहतर तैयारी करा सकेंगे।

विज्ञापन


मॉर्डन स्कूल के बारहवीं के छात्र नितिन शर्मा ने कहा कि इस योजना से छात्रों को एक ही बार में पूरा पाठ्यक्रम पढने की जरुरत नहीं पड़ेगी। पचास-पचास फीसदी पाठ्यक्रम होने के कारण बच्चों के सिर से बोझ काफी कम होगा। वह कहते हैं कि सीबीएसई ने इस बात को समझा है कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण बच्चों पर कितना बोझ है। यह बोर्ड का छात्र हित में उठाया गया कदम है। 
विज्ञापन


अर्वाचीन इंटरनेशनल स्कूल के बारहवीं के छात्र आर्यन यादव ने कहा कि सीबीएसई का यह निर्णय काफी उचित है। सबसे बड़ी बात इस मूल्यांकन योजना को समय रहते बता दिया गया है। इससे बच्चों को तैयारी के लिए समय मिलेगा। एमसीक्यू आधारित प्रश्न आने के कारण प्रारुप को समझने में भी मदद मिलेगी। लिटिल फ्लॉवर सीनियर सैकेंडरी स्कूल के छात्र अंशुल ने इस योजना को बड़ी राहत बताया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पचास फीसदी पाठ्यक्रम एक सत्र में आने से परीक्षा का तनाव भी कम होगा। इस तरह से हमें पूरा पाठ्यक्रम एक बार नहीं पढना होगा। लगातार आंतरिक मूल्यांकन होते रहने से इसे गंभीरता से लेंगे। महामारी के समय में यह कदम बच्चों के लिए काफी राहत भरा है। खासकर तब जबकि अभी यह नहीं पता कि ऑनलाइन पढ़ाई कब तक होनी है। हमारे पास नंबवर दिसंबर की परीक्षा के लिए भी समय होगा और फिर मार्च-अप्रैल में होने वाली परीक्षा की भी बेहतर तैयारी कर सकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed