सत्येन्द्र जैन का गंभीर आरोप : आपातकाल में भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट कमा रही 16-16 हजार करोड़ का मुनाफा
सत्येन्द्र जैन ने कहा कि कोवाक्सिन के चेयरमैन ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि केंद्र सरकार को 150 रुपये में दी जा रही वैक्सीन में भी कंपनी को 10 रुपये का मुनाफा है। अगर यह कंपनी आधी वैक्सीन भी केंद्र सरकार को देती है, तो यह लगभग 3 करोड़ वैक्सीन होती है।
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उन्होंने कहा कि इन कंपनियों को यह भारी कमाई करने का अवसर केंद्र सरकार की ढीली नीति के कारण उपलब्ध कराया जा रहा है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ बैठक के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सत्येन्द्र जैन ने कहा कि पूरा देश एक है तो पूरे देश को वैक्सीन एक कीमत पर उपलब्ध कराया जान चाहिए। लेकिन यही दोनों कंपनियां राज्यों और केंद्र को अलग-अलग कीमत पर वैक्सीन उपलब्ध करा रही हैं। जो वैक्सीन केंद्र सरकार को 150 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है, वही वैक्सीन राज्यों को 300 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों को 400 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि जो कम्पनी 150 रुपये में भी वैक्सीन बेचकर लाभ कमा रही है, उसे और अधिक भारी लाभ कमाने की खुली छूट क्यों दी जानी चाहिए। वह भी ऐसे समय पर जबकि कोरोना के कारण इस समय पूरा देश भारी संकट का सामना कर रहा है। सत्येन्द्र जैन ने कहा कि कोवाक्सिन के चेयरमैन ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि केंद्र सरकार को 150 रुपये में दी जा रही वैक्सीन में भी कंपनी को 10 रुपये का मुनाफा है। अगर यह कंपनी आधी वैक्सीन भी केंद्र सरकार को देती है, तो यह लगभग 3 करोड़ वैक्सीन होती है। इस प्रकार केवल 150 रुपये में भी वैक्सीन बेचने पर कंपनी का मुनाफा करीब 30 करोड़ रुपये हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोविशिल्ड वही वैक्सीन राज्य सरकारों को 300 रुपये में देती है तो उसका मुनाफा 160 रुपये प्रति वैक्सीन का हुआ। इसके अलावा इसी वैक्सीन को प्राइवेट सेक्टर को देने पर उसे 260 रुपये प्रति वैक्सीन का मुनाफा मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी कम्पनी को इतना भारी मुनाफा लेने की छूट क्यों देनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश के अंदर 18 साल से ज्यादा उम्र के करीब 100 करोड़ लोग हैं। इनके लिए करीब 200 करोड़ वैक्सीन चाहिए। एक कंपनी से करीब 100 करोड़ वैक्सीन लेंगे और दूसरी कंपनी से 100 करोड़ वैक्सीन लेंगे। यानि कि एक कंपनी का कुल मुनाफा करीब 16 हजार करोड़ रुपए बनेगा। प्राइवेट सेक्टर के मूल्य जोड़ने पर यही मुनाफा लाखों करोड़ रुपये हो जाता है।
जैन ने सरकार से आग्रह किया है कि अलग-अलग राज्यों के द्वारा वैक्सीन खरीद करने से देश की छवि को नुकसान पहुंचता है। सबसे अच्छा होगा कि केंद्र सरकार अपने स्तर पर वैक्सीन की खरीद कर उसे उचित अनुपात में राज्यों को उपलब्ध कराए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान के अंदर दो कंपनियां कोविशिल्ड और कोवाक्सिन के नाम से वैक्सीन बना रही हैं। उन्होंने अनुरोध किया है कि वैक्सीन बनाने का फार्मूला लेकर दूसरी कंपनियों से साझा किया जाए। जिससे कम ससमय में भारी मात्रा में वैक्सीन तैयार की जा सके।