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सरोजनी नगर गवर्नमेंट हाउसिंग कंप्लेक्स पुनर्विकास योजना: दिल्ली सरकार को झुग्गीवासियों के पुनर्वास पर विचार का निर्देश
Tue, 23 Mar 2021 06:11 AM IST
योगेश जोशी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 23 Mar 2021 06:11 AM IST
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झुग्गी बस्ती
- फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को सरोजनी नगर गवर्नमेंट हाउसिंग कंप्लेक्स के पुनर्विकास योजना के तहत वहां रहने वाले झुग्गी वासियों के पुनर्वास करने को कहा है। अदालत ने इस मामले के लेकर दायर याचिका का निपटारा करते हुए सरकार को इस पर बतौर ज्ञापन विचार करने को कहा है।
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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष दिल्ली सरकार ने तर्क रखा था कि झुग्गी वासी वहां अनाधिकृत रूप से बसे हुए हैं। अदालत ने कहा कि सरकार अपने निर्णय की जानकारी याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को दे।
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याचिकाकर्ता सरोजनी नगर झुग्गी झोपड़ी विकास समिति के अधिवक्ता कमलेश कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि वर्ष 2016 के समझौते के अनुसार यदि कोई पुनर्विकास योजना शुरू होती है तो वहां रहने वाले लोगों के पुनर्वास करने की जिम्मेवारी भूमि एवं विकास अधिकारी की है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय एवं नेशनल बिल्डिंग कारपोरेशन लिमिटेड ने भूमि एवं विकास अधिकारी से वहां के झुग्गी वासियों के पुनर्वास योजना तैयार करने को कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि कई पुराने भवनों व झुग्गियों को तोड़ दिया गया है, लेकिन अभी तक पुनर्वास योजना नहीं बनाई गई।
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उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 की पुनर्वास नीति का हवाला देते हुए कहा कि जनवरी 2006 से दिसंबर 2014 तक झुग्गगी बनाकर रह रहे हैं उन्हें पुनर्वास योजना का लाभ दिए बगैर नहीं हटाया जा सकता है।
अदालत ने दिल्ली सरकार, दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड, शहरी आवास एवं गरीबी उन्मूलन मंत्रालय व नेशनल बिल्डिंग कारपोरेशन लिमिटेड सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था लेकिन पुनर्विकास योजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।