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सेवानिवृत्त एसआई की कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद संदिग्ध हालात में मौत
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नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त एसआई की कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक की पहचान जगदीश सिंह (60) के रूप में हुई है। 31 मार्च को जगदीश ने यमुना विहार स्थित सरकारी डिस्पेंसरी में कोविड वैक्सीन की पहली डोज ली थी। इसके बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। शुक्रवार को इलाज के दौरान जगदीश की मौत हो गई। जगदीश के परिवार ने किसी भी तरह के कोई आरोप नहीं लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि खुद को वैक्सीन लगवाने के बाद जगदीश दो दिन बाद अपनी पत्नी को भी उसी डिस्पेंसरी में वैक्सीन लगवाकर आए थे। उनकी पत्नी बिल्कुल ठीक हैं। परिजनों का कहना है कि जगदीश को पहले से कोई बीमारी नहीं थी, लेकिन परिवार ने उनकी मौत पर कोई संदेह नहीं जताया है।
जगदीश परिवार के साथ यमुना विहार में बृजपुरी के पास रहते थे। परिवार में पत्नी ज्ञानकी देवी, बड़ा बेटा प्रवीण, छोटा बेटा रणबीर सिंह व दो शादीशुदा बेटियां हैं। कोतवाली थाने में तैनात जगदीश 31 जनवरी को ही सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 31 मार्च को यमुना विहार की एक सरकारी डिस्पेंसरी में वैक्सीन लगवाई थी। उसी दिन उनको दस्त हो गए। परिजनों ने दवाई दिलाई तो बुखार हो गया। कमजोरी अधिक हुई तो ड्रिप भी लगवा दी गई। इधर बीमारी के बीच ही दो दिन बाद जगदीश अपनी पत्नी को भी वैक्सीन लगवा लाए। ज्ञानकी एकदम ठीक रहीं, लेकिन लगातार जगदीश की तबीयत बिगड़ती चली गई।
शुक्रवार सुबह अचानक जगदीश को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन यमुना विहार के निजी अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल वालों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद परिजन मैक्स लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही जगदीश ने दम तोड़ दिया। परिवार शव को लेकर यूपी के बस्ती स्थित गांव रामापुर ले गए। शनिवार को अयोध्या में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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जगदीश परिवार के साथ यमुना विहार में बृजपुरी के पास रहते थे। परिवार में पत्नी ज्ञानकी देवी, बड़ा बेटा प्रवीण, छोटा बेटा रणबीर सिंह व दो शादीशुदा बेटियां हैं। कोतवाली थाने में तैनात जगदीश 31 जनवरी को ही सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 31 मार्च को यमुना विहार की एक सरकारी डिस्पेंसरी में वैक्सीन लगवाई थी। उसी दिन उनको दस्त हो गए। परिजनों ने दवाई दिलाई तो बुखार हो गया। कमजोरी अधिक हुई तो ड्रिप भी लगवा दी गई। इधर बीमारी के बीच ही दो दिन बाद जगदीश अपनी पत्नी को भी वैक्सीन लगवा लाए। ज्ञानकी एकदम ठीक रहीं, लेकिन लगातार जगदीश की तबीयत बिगड़ती चली गई।
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शुक्रवार सुबह अचानक जगदीश को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजन यमुना विहार के निजी अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल वालों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद परिजन मैक्स लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही जगदीश ने दम तोड़ दिया। परिवार शव को लेकर यूपी के बस्ती स्थित गांव रामापुर ले गए। शनिवार को अयोध्या में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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