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Delhi News: बैंक के सेवानिवृत्त चीफ मैनेजर से सवा 17 लाख लाख की ठगी
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गूगल मैप पर रिव्यू कराने के नाम पर दिया वारदात को अंजाम,
आईपी एक्सटेंशन में रहते हैं पीड़ित
बातों में उलझाकर आरोपियों ने रुपये निवेश करने पर मुनाफा देने की बात की, पुलिस ने किया मामला दर्ज
शुजात आलम
नई दिल्ली। बैंक ऑफ बड़ौदा में चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए एक बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने गूगल मैप पर बताई जगह जाकर रिव्यू करने के बदले पैसे देने का लालच दिया। इसके बाद धीरे-धीरे उनको अपने जान में फंसा लिया। बाद में पीड़ित से 17.29 लाख रुपये ठग लिये। जब तक पीड़ित को अपनी गलती का अहसास हुआ तब तक देर हो चुकी थी।
पीड़ित की शिकायत पर पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस के अलावा उन खातों की पड़ताल कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। आरोपियों ने पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ने के अलावा उनको क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा दिया था।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित संजय कुमार (62)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ पटपड़गंज के आईपी एक्सटेंशन इलाके में रहते हैं। करीब दो साल पहले वह बैंक ऑफ बड़ौदा से चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 13 नवंबर 2023 को उनके व्हाट्सएप पर किसी युवती ने मैसेज कर उनका हालचाल जाना।
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युवती ने पीड़ित से उनके प्रोफाइल के बारे में पूछने के बाद उनको ऑन लाइन जॉब का ऑफर दिया। खाली होने की वजह से संजय ने तुरंत इसके लिए हामी भर दी। पीड़ि़त को शुरुआत में गूगल मैप पर एक जगह बताकर वहां रिव्यू करने के बदले 150 रुपये देने की बात की गई। पीड़ित ने ऐसा किया तो उनके खाते में 150 रुपये आ गए।
कई दिन इसी तरह करने के बाद पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। इसके बाद इनसे कहा गया कि यदि आप इस ग्रुप में निवेश करते हैं तो आपको मोटा मुनाफा दिया जाएगा। शुरुआत में संजय ने दो हजार रुपये दिए, जिसके बदले 2800 रुपये मिले। इसके बाद पीड़ित ने निवेश की रकम बढ़ाना शुरू कर दी।
पीड़ित को क्रिप्टो में भी निवेश करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने दो बार में 15 और 46 हजार रुपये निवेश किए। इसके बाद उनके रुपये वापस नहीं आए। आरोपियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि ग्रुप टास्क खत्म नहीं होने पर ऐसा हुआ है। आप 1.38 लाख ट्रांसफर कर देें। मूल व मुनाफा दोनों खाते में आ जाएंगे। रकम देने के बाद भी दोबारा पैसे उनके खाते में नहीं आए।
इसके बाद पीड़ित से तीन बार में 4.52 लाख, 6.85 लाख, 3.92 रुपये ले लिये। इसके बाद भी रकम वापस नहीं आई। पीड़ित आरोपियों को करीब 17.29 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुके थे। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने संजय को टेलीग्राम ग्रुप से निकालकर उनकी आईडी को ब्लॉक कर दिया। बाद में उनको ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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आईपी एक्सटेंशन में रहते हैं पीड़ित
बातों में उलझाकर आरोपियों ने रुपये निवेश करने पर मुनाफा देने की बात की, पुलिस ने किया मामला दर्ज
शुजात आलम
नई दिल्ली। बैंक ऑफ बड़ौदा में चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए एक बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने गूगल मैप पर बताई जगह जाकर रिव्यू करने के बदले पैसे देने का लालच दिया। इसके बाद धीरे-धीरे उनको अपने जान में फंसा लिया। बाद में पीड़ित से 17.29 लाख रुपये ठग लिये। जब तक पीड़ित को अपनी गलती का अहसास हुआ तब तक देर हो चुकी थी।
पीड़ित की शिकायत पर पूर्वी जिला साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस के अलावा उन खातों की पड़ताल कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। आरोपियों ने पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ने के अलावा उनको क्रिप्टो करेंसी में निवेश का झांसा दिया था।
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पुलिस के मुताबिक पीड़ित संजय कुमार (62)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ पटपड़गंज के आईपी एक्सटेंशन इलाके में रहते हैं। करीब दो साल पहले वह बैंक ऑफ बड़ौदा से चीफ मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। 13 नवंबर 2023 को उनके व्हाट्सएप पर किसी युवती ने मैसेज कर उनका हालचाल जाना।
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युवती ने पीड़ित से उनके प्रोफाइल के बारे में पूछने के बाद उनको ऑन लाइन जॉब का ऑफर दिया। खाली होने की वजह से संजय ने तुरंत इसके लिए हामी भर दी। पीड़ि़त को शुरुआत में गूगल मैप पर एक जगह बताकर वहां रिव्यू करने के बदले 150 रुपये देने की बात की गई। पीड़ित ने ऐसा किया तो उनके खाते में 150 रुपये आ गए।
कई दिन इसी तरह करने के बाद पीड़ित को एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। इसके बाद इनसे कहा गया कि यदि आप इस ग्रुप में निवेश करते हैं तो आपको मोटा मुनाफा दिया जाएगा। शुरुआत में संजय ने दो हजार रुपये दिए, जिसके बदले 2800 रुपये मिले। इसके बाद पीड़ित ने निवेश की रकम बढ़ाना शुरू कर दी।
पीड़ित को क्रिप्टो में भी निवेश करने के लिए कहा गया। पीड़ित ने दो बार में 15 और 46 हजार रुपये निवेश किए। इसके बाद उनके रुपये वापस नहीं आए। आरोपियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि ग्रुप टास्क खत्म नहीं होने पर ऐसा हुआ है। आप 1.38 लाख ट्रांसफर कर देें। मूल व मुनाफा दोनों खाते में आ जाएंगे। रकम देने के बाद भी दोबारा पैसे उनके खाते में नहीं आए।
इसके बाद पीड़ित से तीन बार में 4.52 लाख, 6.85 लाख, 3.92 रुपये ले लिये। इसके बाद भी रकम वापस नहीं आई। पीड़ित आरोपियों को करीब 17.29 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुके थे। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने संजय को टेलीग्राम ग्रुप से निकालकर उनकी आईडी को ब्लॉक कर दिया। बाद में उनको ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।