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Hindi News ›   Delhi ›   Research Park will be built in JNU on the lines of IIT

खास खबर: आईआईटी की तर्ज पर जेएनयू में बनेगा रिसर्च पार्क

Fri, 08 Oct 2021 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 08 Oct 2021 05:47 AM IST
सार

छात्रों को शोध व स्कॉलरशिप का मिलेगा लाभ और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 5 वर्ष में 100 स्टार्टअप कंपनियां करेंगी काम।

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Research Park will be built in JNU on the lines of IIT
jnu

विस्तार

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आईआईटी मद्रास की तर्ज पर रिसर्च पार्क बनेगा। जेएनयू के इस रिसर्च पार्क का नाम स्टेट ऑफ द आर्ट बिल्डिंग होगा। देश के किसी विश्वविद्यालय में बॉयाटेक्नोलॉजी, साइंस और लाइफ साइंसेज पर स्टार्टअप कंपनियों के साथ शोध करने वाला यह पहला पार्क होगा। जेनएयू के छात्रों को यहां शुरू होने वाली कंपनियों में शोध और रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, यहां से होने वाली आमदनी का इस्तेमाल से विश्वविद्यालय अपने खर्च पूरे करेगा। रिसर्च पार्क बन जाने से विश्वविद्यालय के छात्रों को फीस बढ़ोतरी से भी राहत मिलेगी।

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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने बताया कि पार्क में 5 वर्ष में 100 स्टार्टअप कंपनियां काम करने लगेंगी। इससे छात्रों को शोध और रोजगार का मौके मिलेंगे। स्टेट ऑफ द आर्ट बिल्डिंग जेएनयू कैंपस में ही बनाई जाएगी। शोध क्षेत्र में कॅरिअर वाले छात्रों को डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई खत्म होने के बाद कैंपस में ही इन स्टार्टअप कंपनियों के साथ शोध का मौका मिलेगा।
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रिसर्च पार्क के लिए हायर एजुकेशन फाइनेसिंग एजेंसी (हीफा) के तहत 15 करोड़ रुपये का लोन लिया गया है। बिल्डिंग बनने के बाद उसमें स्टार्टअप कंपनी को   जगह मिलेगी और बदले में विश्वविद्यालय को पैसा।
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वर्ल्ड क्लास सेंटर, लैब  व क्लासरूम बनेंगे
जेएनयू प्रशासन छात्रों को पढ़ाई के बेहतर मौके तैयार कर रहा है। इसके लिए स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ  मैनेजमेंट की नई बिल्डिंग तैयार की जा रही है। इसमें विश्वस्तरीय क्लासरूम, लैब, हॉस्टल, लाइब्रेरी आदि बनाए जाएंगे। इनके बनने से विभिन्न डिग्री प्रोग्राम और हॉस्टल में सीटें बढ़ जाएंगी। इसके लिए फिलहाल विश्वविद्यालय ने हीफा के तहत विभिन्न योजनाओं के लिए लोन लिया है। जेएनयू प्रशासन का मानना है कि बेशक विश्वविद्यालय हीफा में लोन ले रहा है। लेकिन इसका सीधा फायदा छात्रों और शिक्षकों को ही होगा।


छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर  स्कूल ऑफ साइंसेज में 5 स्टार्टअप कंपनी बॉयोटेक्नोलॉजी, लाइफ साइंसेज आदि क्षेत्रों में काम कर रही हैं। पांच वर्षों में कंपनियों की संख्या 100 तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। कैंपस में स्टार्टअप कंपनियों को जगह और प्लेटफॉर्म मुहैया कराया जाएगा। बदले में कंपनियां पैसे देंगी। इस पैसे का प्रयोग छात्रों को बेहतर सुविधा, पढ़ाई में विभिन्न विकल्प व रोजगार के मौके उपलब्ध कराने में होगा। - प्रो. एम जगदीश कुमार, कुलपति, जेएनयू
 

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