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अलर्ट : बार-बार सीटी स्कैन सेहत के लिए हानिकारक, डॉ. गुलेरिया बोले-बढ़ जाती है कैंसर की संभावना
Tue, 04 May 2021 08:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 04 May 2021 08:34 AM IST
सार
डॉ. गुलेरिया ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कई लोगों को कोरोना के लक्षण होने के बाद भी उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आ रहा है जिसके बाद डॉक्टर उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दे रहे हैं लेकिन अगर कोरोना के हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने की कोई जरूरत नहीं है। सीटी स्कैन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
विस्तार
कोरोना वायरस की पहचान करने के लिए मरीजों को सीटी स्कैन करवाना पड़ रहा है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी रेडिएशन काफी खतरनाक होता है। एक एचआरसीटी स्कैन करीब तीन सौ एक्सरे के बराबर रेडिएशन देता है। इससे काफी नुकसान मरीज को हो सकता है।
इसलिए बार-बार सीटी स्कैन कराने की आवश्यकता नहीं है। यह कहना है नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का। डॉ. गुलेरिया ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कई लोगों को कोरोना के लक्षण होने के बाद भी उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आ रहा है जिसके बाद डॉक्टर उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दे रहे हैं लेकिन अगर कोरोना के हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने की कोई जरूरत नहीं है। सीटी स्कैन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
इसे कराने के बाद कैंसर की संभावना बढ़ सकती है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि सीटी स्कैन और बायोमार्कर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर ज्यादा हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने का कोई फायदा नहीं है। यह बहुत हानिकारक है। एम्स के निदेशक ने आजकल बहुत ज्याद लोग सीटी स्कैन करा रहे हैं।
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जब सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो उसे कराकर आप खुद को नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं, क्योंकि आप खुद को रेडिएशन के संपर्क में ला रहे हैं। इससे बाद में कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।
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इसलिए बार-बार सीटी स्कैन कराने की आवश्यकता नहीं है। यह कहना है नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का। डॉ. गुलेरिया ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कई लोगों को कोरोना के लक्षण होने के बाद भी उनका कोविड टेस्ट निगेटिव आ रहा है जिसके बाद डॉक्टर उन्हें सीटी स्कैन कराने की सलाह दे रहे हैं लेकिन अगर कोरोना के हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने की कोई जरूरत नहीं है। सीटी स्कैन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
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इसे कराने के बाद कैंसर की संभावना बढ़ सकती है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि सीटी स्कैन और बायोमार्कर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर ज्यादा हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने का कोई फायदा नहीं है। यह बहुत हानिकारक है। एम्स के निदेशक ने आजकल बहुत ज्याद लोग सीटी स्कैन करा रहे हैं।
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जब सीटी स्कैन की जरूरत नहीं है तो उसे कराकर आप खुद को नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं, क्योंकि आप खुद को रेडिएशन के संपर्क में ला रहे हैं। इससे बाद में कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।
होम आईसोलेशन में रहने वाले डॉक्टर के संपर्क में रहे
डॉक्टर गुलेरिया ने होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को सलाह दी है कि वे अपने डॉक्टर से संपर्क करते रहें। सेचुरेशन 93 या उससे कम हो रही है, बेहोशी जैसे हालात हैं, छाती में दर्द हो रहा है तो एकदम डॉक्टर से संपर्क करें।