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राहत की बात : दिल्ली में नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, कोविड के चलते डीईआरसी का फैसला
Sat, 29 Aug 2020 01:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 01:18 AM IST
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बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। कोरोना महामारी की वजह से दिल्ली बिजली नियामक आयोग (डीईआरसी) ने बिजली बिल में बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला लिया है। डीईआरसी ने नये टैरिफ रेट तय कर शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी है।
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डीईआरसी ने कहा कि कोविड.-19 को देखते हुए औद्योगिक, सार्वजनिक इकाइयों और घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सितंबर में दिन में अलग-अलग समय पर अलग-अलग दर के तहत 20 प्रतिशत सरचार्ज की छूट दी है।
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डीईआरसी ने बिजली की दरों में वृद्धि नहीं करने के साथ स्थायी शुल्क (फिक्सड चार्ज) में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-वाहन चार्जिंग स्टेशनों को सस्ती दर पर बिजली देने की बात भी कही गई है।
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पिछले साल की तरह ही मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सस्ती बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। डीईआरसी ने निजी बिजली वितरण कंपनियों की दर बढ़ाने की मांग को दरकिनार कर दिया है।
डीईआरसी ने सितंबर में गैर घरेलू उपभोक्ताओं के टाइम ऑफ डे (टीओडी टैरिफ ) यानी पीक ऑवर के हिसाब से वसूले जाने वाले सरचार्ज को भी माफ कर दिया है। ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क पर 20 प्रतिशत सरचार्ज नहीं वसूला जाएगा।
पेंशन ट्रस्ट अधिभार लिया जाएगा
बिजली की दरों में तो वृद्धि तो नहीं हुई है, लेकिन पेंशन ट्रस्ट चार्ज ज्यादा चुकाना होगा। सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों को पेंशन देने का भार इस वर्ष माफ नहीं कर उपभोक्ताओं से ही वसूला जाएगा। बिजली बिल का 3.8 प्रतिशत इस साल भी पेंशन मद में उपभोक्ताओं को देना होगा। इस चार्ज को बढ़ाकर पांच प्रतिशत किया गया है। बिजली कंपनियां बकाया रेगुलेटरी असेट की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से इस मद में 8 प्रतिशत अधिभार लेती है।
स्थायी शुल्क यथावत
स्थायी शुल्क यथावत रखा गया है। दो किलोवाट स्वीकृत भार ( लोड) वाले उपभोक्ताओं को प्रति माह 20 रुपये प्रति किलोवाट देना होगा। इसी तरह तीन से पांच किलोवाट मीटर लोट वाले को 50 रुपये प्रति किलोवाट, 6-15 किलोवाट मीटर लोड वाले उपभोक्ताओं को 100 रुपये प्रति किलोवाट। 16-25 किलोवाट लोड इस्तेमाल करने वालों को 200 रुपये प्रति किलोवाट स्थायी शुल्क देना होगा। इससे ज्यादा क्षमा के लिए 250 रुपये प्रति किलोवाट की दर से बिजली कंपनी शुल्क वसूलेगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यूनिट दरें
0-200 : 3 रुपये प्रति यूनिट
201-400 : 4.50 रुपये प्रति यूनिट
401-800 : 6.50 रुपये प्रति यूनिट
801-1200 : 7 रुपये प्रति यूनिट
1200 से ज्यादा: 8 रुपये
बिजली वितरण कंपनियों की जरूरत और मांगों पर विचार हुआ। कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिजली दरें तय की गई है। चालू वित्त वर्ष में बिजली की दरें बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा था। फरवरी में बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को याचिका भेजी थी। इसमें कहा गया था कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में 23.272 करोड़ रुपये राजस्व की आवश्यकता है। 3131 करोड़ रुपए का अंतर भी बताया गया था। इसी आधार पर दरें बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
सेवानिवृत्त जस्टिस एसएस चौहान, अध्यक्ष, डीईआरसी