स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए रंजन गोगोई, बोले- लोगों को मुख्यधारा में जुड़ा
दिल्ली में देश के महान किसान मजदूर नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती के पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायधीश जस्टिस रंजन गोगोई और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह शामिल हुए।
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दिल्ली के अशोका रोड पर देश के महान किसान-मज़दूर नेता स्वामी सहजानंद सरवती की पुण्यतिथि पर युवा चेतना के द्वारा पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के पूर्व मुख्य न्यायधीश और सांसद जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा की स्वामी सहजानंद सरस्वती ने आजीवन गरीब और वंचित वर्ग के समग्र विकास हेतु प्रयत्न किया। जस्टिस गोगोई ने कहा की जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ कमजोर लोगों को सशक्त करने हेतु स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अनवरत संघर्ष किया।
जस्टिस गोगोई ने कहा कि बिहार सहित पूरे देश में स्वामी सहजानंद ने कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को मुख्यधारा में लाने हेतु काम किया। जस्टिस गोगोई ने कहा कि युवा चेतना स्वामी सहजानंद सरस्वती के अधूरे कार्यों को पूरा करने हेतु प्रयासरत है।
पुष्पांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती नहीं होते तो देश का वंचित वर्ग मुख्यधारा में नहीं आ पाता। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का मार्गदर्शन किया। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वामी सहजानंद सरस्वती के अधूरे कार्यों को पूरा कर रहे हैं।
सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के समर्थकों को कमर कसकर देश के नवनिर्माण हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग करना है। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील है कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के देश हित में किए गये कार्यों को देखते हुए भारत रत्न दिया जाए। सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने आजीवन कांग्रेस का विरोध किया।