Delhi Weather: 24 घंटे में 84.1 मिमी बारिश, सात साल में सबसे ज्यादा, तापमान में भी गिरावट
मंगलवार को दिल्ली में 84.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। वर्ष 2010 के बाद से सबसे कम तापमान रहा है। अधिकतम व न्यूनतम तापमान में केवल 3.5 डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया।
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई बारिश ने सात सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते 24 घंटे के भीतर राजधानी में 84.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है जो वर्ष 2013 के बाद से सबसे अधिक है। इससे पहले अगस्त में सात साल पहले 95.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। अगले 24 घंटों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से लोगों का गर्मी का बुरा हाल था। सप्ताह भर से मौसम बन रहा था, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश से राहत अधूरी थी। ऐसे में मंगलवार की सुबह से ही पूरी दिल्ली-एनसीआर में काले बादल छा गए थे। कुछ देर में ही बादलों ने बरसना शुरू किया और रिमझिम फुहारों के साथ शाम तक बारिश का दौर जारी रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान सामान्य से पांच कम 28.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जो वर्ष 2010 के बाद से सबसे कम है। इससे पहले यह 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
बीते 24 घंटों में हवा में नमी का स्तर 77 से 100 फीसदी तक दर्ज किया गया। दिल्ली के विभिन्न मानक केंद्रों पर लोदी रोड में सबसे अधिक 87.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा पालम में 43.6 मिमी, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में 45 मिमी, आयानगर में 28.8, गुरुग्राम में 25.6, नोएडा में 16 मिमी व पीतमपुरा में 27 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
एक सितंबर- सूर्यास्त का समय: 6:43
दो सितंबर-सूर्योदय का समय: 6:00
अधिकतम तापमान-29 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान-25 डिग्री सेल्सियस
-दिनभर बादल छाए रहेंगे और बारिश का दौर जारी रहेगा। हवा मध्यम स्तर से चलेगी और नमी का स्तर भी अधिक बना रहेगा। सुबह से ही बारिश की संभावना है, शाम तक रिमझिम बारिश होगी।
आंखों-देखी-- ढाई घंटे में तय हुआ पांच किमी का सफर
सुबह करीब दस बज रहे थे। तेज बारिश थमती नहीं दिख रही थी। लिहाजा ऑफिस पहुंचने के लिए लक्ष्मी नगर से ऑटो पकड़ना पड़ा। आईटीओ चुंगी तक तो इसकी चाल ठीक रही, लेकिन विकास मार्ग पर नोएडा से आईटीओ की तरफ जाने वाली सड़क तक पहुंचते-पहुंचते इसके पहिए थम से गए। आगे दूर तक वाहनों की लंबी कतार थी। इसके बाद ऑटो का चलना और थमना समझ से परे रहा। दो कदम बढ़ने के बाद ही उसे ब्रेक लगाना पड़ रहा था।
आलम यह था कि एक किमी लंबा यमुना पुल पार करने में ही एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। आगे भी राह आसान नहीं थी। सड़क पर पानी और थमे पड़े वाहनों की सिवा कुछ नहीं दिख रहा था। बड़ी बेचारगी दो पहिया वाहनों को देखकर आई। ऑफिस के लिए निकले लोग बारिश के बीच भीगते नजर आ रहे थे। और वह लोग, जो आईपी फ्लाईओवर तक पहुंच गए थे, बारिश से बचने के लिए उन लोगों ने अपनी बाइक सड़क पर रोक दी थी। इससे ट्रैफिक ज्यादा बाधित हुआ।
रेंग रहे वाहनों की वजह से मिनटों का सफर घंटों में बदल गया। जो लोग ट्रेन पकडने के लिए घर से निकले थे वह बीच रास्ते में ही अपना सफर समाप्त कर वाहनों से बैग लेकर उतरते देखे गए। वह सड़क की दूसरी तरह जाकर वापस अपने घर के लिए रवाना हो गए। लक्ष्मी नगर से वाहन रेंगते हुए करीब ढाई घंटे में आईटीओ पहुंची। आईटीओ से आगे बढ़ते ही तिलक ब्रिज के नीचे सड़क पूरी तरह लबालब थी। इससे वाहनों को निकलने में चालकों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। इस सबके बीच करीब पांच किमी का सफर तय करने में ढाई घंटे का वक्त लग गया।
वसुंधरा एन्क्लेव से गोल मार्केट तीन घंटे में
वंसुधरा एंकलेव से करीब 10:15 बजे सफर शुरू हुआ। कालोनी से निकलते ही धर्मशिला रोड पर पानी भरा था। सड़क पर बीच-बीच में पहले से मौजूद गड्ढ़ेम रास्ते का खतरनाक बना रहे थे। इस सबके बीच वाहन चलाना आसान नहीं रहा। वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीएनडी तक यही हालात रही। आगे थोड़ी राहत मिली। लेकिन रिंग रोड पर पहुंचने से पहले डीएनडी पर वाहनों की लंबी कतार दिखी। दिल्ली की तरफ सड़क पर लंबा जाम लगा था।
महारानी बाग वाले इलाके में जाम का असर डीएनडी तक दिखा। इसके बाद बारापुला पर लंबे जाम के बीच वाहन रेंगते हुए आगे निकल रहे थे। बारापुला से लोधी रोड पर उतरते ही सामने सड़क दिख ही नहीं रही थी। सड़क पर तीन से चार फीट का जलभराव था। बारापूला से लेकर इंडिया हैबिटेट सेंटर तक सड़क पूरी तरह पानी में डूबी हुई थी। रास्ते में तेज बारिश व जलभराव के कारण जगह-जगह वाहन बीच सड़क बंद हो गए थे। इसमें बस, कार, ऑटो से लेकर ट्रक तक शामिल रहे। इसी तरह प्रेस क्लब से जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़क में भी जलभराव दिखा। यहां भी अशोक रोड पर वाहन रेंगते दिखे। गोल मार्केट तक पहुंचते-पहुंचते एक बज गया था। आधे घंटे का सफर पूरा करने में करीब तीन घंटे का समय जाया हुआ।
बारिश का कहर, नहीं चल पा रहे थे वाहन
समय करीब 10.45 बजे का था। तेज बारिश में एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश, अचानक ब्रेक लगते ही एक बाइक फिसली, फिर एक के बाद एक वाहनों के ब्रेक लगने लगे। लाइट प्वाइंट ग्रीन से रेड हो गई तो इंतजार पांच मिनट का और बढ़ गया। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर के बाद किर्बी प्लेस पर जैसे ही गाड़ियां रुकी, हर तरफ जलभराव के कारण वाहन रेंगते नजर आए। धौला कुआं फ्लाईओवर पहुंचने से पहले सड़क पर जलभराव तो इसे पार करते ही वाहनों का सैलाब उमड़ता दिखा।
गुरुग्राम, एयरपोर्ट, दिल्ली कैंट सहित पश्चिमी दिल्ली से आने वाले वाहनों की भीड़, इतनी हो गई कि करोल बाग, सरदार पटेल मार्ग की तरफ जाने के लिए भी वाहनों को मौका नहीं मिल रहा था। इस लाइन में उसी रास्ते पर वाहनों के आगे बढ़ने का सिलसिला चलता रहा। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर से गोल मार्केट तक करीब 14 किलोमीटर का सफर तय करने में दो घंटे लगे। यानि बारिश ने वाहनों की रफ्तार सात किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम कर दी।
11 मूर्ति से आगे बढ़ने पर भी वाहन रेंगते रहे। राम मनोहर लोहिया अस्पताल बस स्टॉप पर फिर वाहनों के जाम और जलभराव के कारण इस दूरी को तय करने में दोगुना से भी अधिक वक्त लगा। जाम के कारण कई बार चालकों की एक दूसरे से कहासुनी भी हुई, लेकिन चालक रुके नहीं। चंद सेकेंड के लिए वाहन के रुकते ही पीछे से हॉर्न के शोर का भी लोगों को सामना करना पड़ा।