फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Punjab Congress crisis: Captain accepted the decision of the high command, kept his conditions

पंजाब कांग्रेस का संकट : कैप्टन ने आलाकमान का फैसला तो माना, अपनी शर्तें भी रखीं

Sun, 18 Jul 2021 01:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Jul 2021 01:20 AM IST
सार

  • सब ठीक रहा तो सिद्धू की टीम में चार कार्यकारी प्रधानों का चयन कैप्टन की मर्जी से होगा

विज्ञापन
Punjab Congress crisis: Captain accepted the decision of the high command, kept his conditions
कैप्टन अमरिंदर सिंह, सोनिया गांधी, नवजोत सिंह सिद्धू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आलाकमान का संदेश लेकर चंडीगढ़ पहुंचे पंजाब प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर कांग्रेस नेतृत्व का फैसला मानने को तैयार हो गए हैं।  कैप्टन को अब नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश प्रधान बनाए जाने पर एतराज नहीं है।  सब ठीक रहा तो सोमवार को सिद्धू के लिए पंजाब प्रधान पद पर घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, सूत्रों की माने तो सिद्धू की टीम में रखे जाने वाले तीन से चार कार्यकारी प्रधानों का चयन कैप्टन की मर्जी से होगा। 

विज्ञापन


  सिद्धू के मामले में नेतृत्व के संभावित फैसले से उखड़े कैप्टन ने अब फिर आस्था जताई है। हालांकि कैप्टन सोनिया की तरफ से स्पष्ट आश्वासन दिया गया है कि वे ही सीएम पद के उम्मीदवार होंगे और उन्हीं के नेतृत्व में पार्टी चुनाव लड़ेगी। वहीं, सिद्धू बतौर प्रधान एकतरफा फैसले न लें इसका संतुलन बनाने के लिए उनके साथ दूसरी बिरादरियों को साधने के लिए कैप्टन के सुझाए नामों पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन


हालांकि, सिसवां फार्म हाउस आवास पर कैप्टन से मुलाकात के बाद हरीश रावत जब मीडिया के सामने आए तो उनके बयान काफी नपे-तुले रहे। रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन आलाकमान का फैसला मानने को सहमत हैं। सिद्धू को प्रधान बनाए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर रावत ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान कैप्टन ने अपनी मंशा रावत के सामने रख दी है ताकि इसे आलाकमान तक पहुंचाया जा सके। यह भी साफ हो गया है कि कैप्टन आलाकमान का फैसला अनिच्छा से मान रहे हैं।  पंजाब कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अगर प्रधान पद के लिए सिद्धू के नाम का विधिवत एलान हो जाता है तो कैप्टन अपने मंत्रिमंडल में भी फेरबदल करेंगे और इस बार किसे मंत्री बनाना है या किसे कौन का विभाग सौंपना है, सारे फैसले कैप्टन ही लेंगे। इन फैसलों में आलाकमान का कोई दखल नहीं होगा।

सुनील जाखड़ के लिए भी कैप्टन और रावत में हुई चर्चा
सिद्धू को प्रधान बनाए जाने के बाद मौजूदा प्रधान सुनील जाखड़ को प्रदेश कांग्रेस में कौन सी जिममेदारी सौंपी जाएगी, इस संबंध में भी कैप्टन और हरीश रावत के बीच लंबी चर्चा हुई है। कैप्टन किसी भी कीमत पर जाखड़ को अनदेखा किए जाने को तैयार नहीं हैं और उनके मौजूदा रूतबे के हिसाब से नई जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं। हालांकि इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जा सका।

यह भी गौरतलब है कि सुनील जाखड़ कई मामलों में कैप्टन के फैसलों के खिलाफ भी मुखर रहे हैं। इनमें ड्रग माफिया, बेअदबी कांड और एडवोकेट जनरल अतुल नंदा की नाकामियों के मुद्दे शामिल हैं, जिनका जाखड़ खुला विरोध करते रहे हैं। इसके बावजूद कैप्टन नई बनने वाली प्रदेश इकाई में जाखड़ को सम्मानजनक ओहदे पर बनाए रखना चाहते हैं।


परगट ने कहा
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने को लेकर हो रही चर्चाओं पर कहा कि मुझे लगता है कि स्थिति अच्छी है। वह मेरा दोस्त है। यहां तक कि उन्हें भी नहीं पता कि कब होगी घोषणा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed