फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   public offices must issue its order online

जन सेवाओं से जुड़े संस्थान सभी आदेश करें ऑनलाइन जारी: हाईकोर्ट

Wed, 16 Dec 2020 07:05 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 07:05 PM IST
विज्ञापन
public offices must issue its order online
नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि सभी संस्थान, विशेष रूप से जनता को सेवाएं प्रदान करने वाले अपने सभी आदेश, नोटिस और अन्य दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाएं। अदालत ने यह भी कहा कि संस्थान ऐसे नोटिस या आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को ईमेल से भी भेज दे।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने यह आदेश मैसर्स एस सिविकॉन इंजीनियरिंग कॉन्ट्रैक्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर दिया है। उन्होंने नियोक्ता द्वारा योगदान के भुगतान में डिफॉल्ट मामले को लेकर ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) द्वारा पारित आदेश को चुनाती दी है।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता ने कहा कि उसके प्रतिनिधियों ने 3 जून, 2019 के आदेश को प्राप्त करने के लिए कई बार ईपीएफओ कार्यालय का दौरा किया था, लेकिन उसे नोटिस की प्रति नहीं दी गई। दूसरी ओर ईपीएफओ के अधिवक्ता ने दावा किया कि 3 जून 2019 को उक्त आदेश को स्पीड पोस्ट से याचिकाकर्ता को सूचित किया गया था और याचिकाकर्ता आपत्तियों को दूर करने के लिए बस बहाना बना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यायालय ने मामले में सभी तथ्यों को देखने के बाद कहा कि ईपीएफओ जैसे सार्वजनिक विभागों को अपने आदेश और नोटिस ऑनलाइन उपलब्ध करवाने चाहिए ताकि सभी तक आसानी से पहुंच सकें। अदालत ने कहा कि महामारी के दौरान जहां सभी कार्यालय वर्चुअल मोड में चल रहे हैं ऐसे में आदेश सभी को उपलब्ध होने चाहिए।
न्यायमूर्ति ने ईपीएफओ से कहा कि वह अपने अधीनस्थ सभी दफ्तरों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे कि वह अब से किसी भी तरह का आदेश या नोटिस जो भी जनहित से संबंधित हो, सभी को ऑनलाइन जारी करें। उन्होंने इसके लिए सभी का समय भी निर्धारित कर देने को कहा।

उन्होंने कहा कि सभी अदालतें एवं पंचाट व दफ्तर सभी आदेश या नोटिस ऑनलाइन जारी करते हैं। यदि ईपीएफओ भी ऐसा करता है तो इसमें कोई हर्ज नहीं है और यह एक बेहतर व्यवस्था की निशानी है। उन्होंने अपने आदेश की अनुपालना को लेकर ईपीएफओ से हलफनामा भी दाखिल करने को कहा है। ईपीएफओ ने इस बाबत क्या कदम उठाया, उसकी जानकारी अगली सुनवाई 11 फरवरी 2021 से पहले दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed