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जामिया हिंसाः भीड़ के हिंसक होने पर पुलिस की कार्रवाई थी जरूरी: एएसजी

Sat, 29 Aug 2020 01:03 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 29 Aug 2020 01:03 AM IST
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police was forced to fire after crowd turned violent
delhi high court

जामिया इलाके में भीड़ के हिंसक होने के बाद पुलिस कार्रवाई जरूरी थी। यह दलील शुक्रवार को जामिया हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने दी। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता तथा दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है।

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष अमन लेखी ने कहा कि हिंसा की स्थिति के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की भीड़ को ठीक तरीके से हटाया था। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय परिसर में घुसने वाले दंगाइयों को बाहर निकालने के लिए पुलिस ने प्रवेश किया था।
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उन्होंने कहा कि 2 हजार से अधिक लोग विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 के पास इकट्ठे हो गए थे, जिससे इस क्षेत्र को बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा विरोध शांतिपूर्ण रूप से शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे यह हिंसक होने लगा था। पुलिस ने भीड़ पर कार्रवाई की क्योंकि उन्होंने दंगा शुरू कर दिया था। इसलिए नहीं कि वे सीएए के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
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एएसजी ने अदालत को बताया कि इस बीच राजनेता आपत्तिजनक और अपमानजनक नारे लगाकर प्रदर्शनकारियों को भड़का रहे थे। इस तरह के भाषणों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षण नहीं मिल सकता है।

भीड़ लाठियों और पेट्रोल बम आदि से लैस थी और हिंसक हो रही थी। भीड़ को प्रशासन ने गैरकानूनी घोषित किया था, क्योंकि वे आगजनी और हिंसा में लिप्त थी और बेकाबू हो रही थी।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्विस ने कहा कि वह दिल्ली पुलिस द्वारा दिए गए सीसीटीवी फुटेज की जांच चाहते हैं। उन्होंने कहा सुनवाई में उल्लेखित सभी आरोप पत्रों की प्रतिलिपि उन्हें प्रदान की जाए। इस पर अमन लेखी ने कहा कि तीसरे पक्ष को कॉपी नहीं दी जा सकती।

ताहिर हुसैन को छह दिन के ईडी रिमांड में भेजा

अदालत ने निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन को मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए छह दिन के ईडी रिमांड में भेजा है। वह उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में भी आरोपी है। 

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आवेदन पर सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन से पूछताछ के लिए एजेंसी को छह दिन का रिमांड दिया। ईडी ने हुसैन से पूछताछ के लिए 14 दिन का रिमांड मांगा था। एजेंसी ने कहा कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और सवालों के सही जवाब नहीं दे रहा है। 

अदालत ने जेल प्रशासन को ताहिर हुसैन का कोरोना टेस्ट कराने और रिपोर्ट आने के बाद उसकी हिरासत ईडी को सौंपने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी को ईडी की हिरासत में भेजने की दिन तारीख बताई जाए। इसके अलावा अदालत ने उसका हर 48 घंटे में मेडिकल करवाने का निर्देश दिया है।

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