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ड्राप बॉक्स से चेक उड़ाकर भुनाया, चार साल बाद मामला दर्ज
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नई दिल्ली। करोलबाग इलाके में एक दुकानदार ने निजी बैंक का अकाउंट पेई चेक युवक को दिया। युवक ने चेक को अपने बैंक के ड्राप बॉक्स में डाल दिया। रकम जब युवक के खाते में नहीं आई तो उसने छानबीन की। दुकानदार के खाते से रकम कट चुकी थी। पीड़ित अपने बैंक गया, लेकिन काफी भागदौड़ के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
पुलिस से भी शिकायत की गई, लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। आखिर युवक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत ने करोलबाग थाना पुलिस को छानबीन के आदेश दिए। सोमवार को वारदात के चार साल बाद पुलिस ने अदालती आदेश पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित सचिन को वर्ष 2016 में एक दुकानदार ने 30 हजार रुपये का एक चेक दिया था। चेक एचडीएफसी बैंक का था। युवक ने करोलबाग स्थित ओरिएंटल बैंक के ड्राप बॉक्स में चेक डाला। रकम खाते में नहीं आई तो युवक बैंक पहुंचा। वहां पूछताछ करने पर पता चला कि चेक उन्हें मिला ही नहीं। इधर दुकानदार से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके खाते से रकम निकाली जा चुकी है।
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जांच के दौरान पता चला कि अकाउंट पेई चेक से मुजफ्फरनगर स्थित शाखा से कैश रकम निकाली गई है। रकम खुद सचिन ने निकाली। सचिन का कहना था कि न तो वह मुजफ्फरनगर गया और न ही रकम निकाली। अकाउंट पेई चेक से किसी को भी कैश रकम दी ही नहीं जा सकती है। सचिन ने किसी बैंक कर्मी पर ही मिलीभगत का आरोप लगाया। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
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पुलिस से भी शिकायत की गई, लेकिन वहां भी कुछ नहीं हुआ। आखिर युवक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद अदालत ने करोलबाग थाना पुलिस को छानबीन के आदेश दिए। सोमवार को वारदात के चार साल बाद पुलिस ने अदालती आदेश पर इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक पीड़ित सचिन को वर्ष 2016 में एक दुकानदार ने 30 हजार रुपये का एक चेक दिया था। चेक एचडीएफसी बैंक का था। युवक ने करोलबाग स्थित ओरिएंटल बैंक के ड्राप बॉक्स में चेक डाला। रकम खाते में नहीं आई तो युवक बैंक पहुंचा। वहां पूछताछ करने पर पता चला कि चेक उन्हें मिला ही नहीं। इधर दुकानदार से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके खाते से रकम निकाली जा चुकी है।
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जांच के दौरान पता चला कि अकाउंट पेई चेक से मुजफ्फरनगर स्थित शाखा से कैश रकम निकाली गई है। रकम खुद सचिन ने निकाली। सचिन का कहना था कि न तो वह मुजफ्फरनगर गया और न ही रकम निकाली। अकाउंट पेई चेक से किसी को भी कैश रकम दी ही नहीं जा सकती है। सचिन ने किसी बैंक कर्मी पर ही मिलीभगत का आरोप लगाया। पुलिस ने अब मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है।