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दिल्ली दंगा: युवकों से मारपीट व राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान नहीं
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नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के दौरान एक ही समुदाय के पांच युवकों से मारपीट करने व उन्हें राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान दिल्ली पुलिस नहीं कर पाई। पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में उक्त जानकारी दी है। इस मारपीट के बाद 23 वर्षीय फैजान नामक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में एक वीडियो वायरल हुआ था।
अदालत ने फैजान के 61 वर्षीय पिता किसमतुन की याचिका पर सुनवाई कर रही है। उन्होंने अपने बेटे की पुलिस हिरासत में मौत मामले की जांच अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से करवाने की मांग की है। फैजान को आखिरी बार वायरल वीडियो में देखा गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे व अन्य को लातों व डंडों से बुरी तरह पीटा था। इतना ही नहीं वे यह कहते हुए नजर आ रहे हैं ये लो आजादी और इसके बाद उन्हें जबरन राष्ट्रगान गाने के लि मजबूर किया गया था।
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पुलिस ने पेश रिपोर्ट में कहा कि घटना से संबंधित चार वीडियो क्लिप में पुलिसकर्मी फैजान के अलावा फरहान, कोसर, रफीक व वसीम से मारपीट करते नजर आ रहे है। उन्होंने कहा कि वीडियो काफी खराब है और उसे दूर से बनाया गया है जिसमें उनके चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे। इसके अलावा उनमें एक को छोड़कर सभी हेलमेट पहने हुए हैं। ऐसे में उनके चेहरे स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहे। इतना ही नहीं उनकी नेम प्लेट भी स्पष्ट रूप से नहीं दिख रही।
पुलिस ने कहा कि चार वीडियो क्लिप को फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में भेजा गया है ताकि कुछ जांच में सामने आ सके। इसके अलावा उन्होंने घटनास्थल व आसपास ड्यूटी दे रहे 170 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि कोई भी घटना का चश्मदीद गवाह नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्योति नगर पुलिस स्टेशन के स्टाफ व थानाध्यक्ष से भी मामले में पूछताछ की गई है। थाने में लगा सीसीटीवी कैमरा 24 फरवरी 2020 को काम नहीं कर रहा था।
आरोप है कि पुलिस ने फैजान को गैरकानूनी रूप से ज्योति नगर थाने में रखा व उससे मारपीट की गई। तबीयत खराब होने पर उसे लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती करवाया गया व 25 फरवरी को उसकी मौत हो गई। फैजान की हत्या का मामला भजनपुरा थाने में दर्ज किया गया था।
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अदालत ने फैजान के 61 वर्षीय पिता किसमतुन की याचिका पर सुनवाई कर रही है। उन्होंने अपने बेटे की पुलिस हिरासत में मौत मामले की जांच अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) से करवाने की मांग की है। फैजान को आखिरी बार वायरल वीडियो में देखा गया था।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो में स्पष्ट नजर आ रहा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे व अन्य को लातों व डंडों से बुरी तरह पीटा था। इतना ही नहीं वे यह कहते हुए नजर आ रहे हैं ये लो आजादी और इसके बाद उन्हें जबरन राष्ट्रगान गाने के लि मजबूर किया गया था।
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पुलिस ने पेश रिपोर्ट में कहा कि घटना से संबंधित चार वीडियो क्लिप में पुलिसकर्मी फैजान के अलावा फरहान, कोसर, रफीक व वसीम से मारपीट करते नजर आ रहे है। उन्होंने कहा कि वीडियो काफी खराब है और उसे दूर से बनाया गया है जिसमें उनके चेहरे साफ नजर नहीं आ रहे। इसके अलावा उनमें एक को छोड़कर सभी हेलमेट पहने हुए हैं। ऐसे में उनके चेहरे स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहे। इतना ही नहीं उनकी नेम प्लेट भी स्पष्ट रूप से नहीं दिख रही।
पुलिस ने कहा कि चार वीडियो क्लिप को फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में भेजा गया है ताकि कुछ जांच में सामने आ सके। इसके अलावा उन्होंने घटनास्थल व आसपास ड्यूटी दे रहे 170 पुलिसकर्मियों से पूछताछ की गई है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि कोई भी घटना का चश्मदीद गवाह नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्योति नगर पुलिस स्टेशन के स्टाफ व थानाध्यक्ष से भी मामले में पूछताछ की गई है। थाने में लगा सीसीटीवी कैमरा 24 फरवरी 2020 को काम नहीं कर रहा था।
आरोप है कि पुलिस ने फैजान को गैरकानूनी रूप से ज्योति नगर थाने में रखा व उससे मारपीट की गई। तबीयत खराब होने पर उसे लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में भर्ती करवाया गया व 25 फरवरी को उसकी मौत हो गई। फैजान की हत्या का मामला भजनपुरा थाने में दर्ज किया गया था।