Udankhatola: पीयूष मिश्रा के उड़नखटोला टूर का धमाकेदार रहा सफर, लखनऊ से लेकर मोहाली तक गूंजी संगीत की जादूगरी
एक संगीतमय यात्रा के रूप में शुरू हुआ उड़नखटोला टूर अब एक संपूर्ण आंदोलन बन चुका है। पीयूष मिश्रा और उनके बैंड बल्लीमारान ने अपने उड़नखटोला टूर के साथ शहर-दर-शहर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। यह टूर गुरुग्राम, आगरा, लखनऊ, कानपुर, चंडीगढ़ और देहरादून में भी पहुंचा।
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पीयूष मिश्रा के ‘उड़नखटोला’ इंडिया टूर ने शानदार सफर जारी रखते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा के प्रमुख शहरों में धूम मचाई। एक संगीतमय यात्रा के रूप में शुरू हुआ यह टूर अब एक संपूर्ण आंदोलन बन चुका है। पीयूष मिश्रा और उनके बैंड बल्लीमारान ने अपने उड़नखटोला टूर के साथ शहर-दर-शहर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है, अपनी अनफिल्टर्ड, दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियों से हर मंच को जीवंत बना दिया है। 11 शहरों और दुबई में अपनी जबरदस्त ऊर्जा बिखेरने के बाद, यह टूर गुरुग्राम, आगरा, लखनऊ, कानपुर, चंडीगढ़ और देहरादून में भी पहुंचा। जिसको लेकर प्रशंसकों में दीवानगी सिर चढ़कर बोली, कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का उत्साह देखते ही बना। हर कोई संगीत की स्वर लहरियों और रंगबिरंगी लाइटों के बीच 'वंस मोर-वंस मोर' का शोर मचाता रहा। कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर अमर उजाला रहा।
देहरादून ने पीयूष मिश्रा का ऐसा दिल जीता कि उन्होंने जल्द आने का कर दिया वादा
अभिनेता व रॉकस्टार पीयूष मिश्रा अपने 'उड़नखटोला' को लेकर बीते 8 मार्च शनिवार को दून की धरती पर उतरे। देश के विभिन्न शहरों में शो करने के बाद उन्होंने देहरादून में अपनी 16वीं प्रस्तुति दी। मिश्रा को देखने सुनने में जितना दून को आनंद आया दून ने भी उतना ही अपनापन उन्हें दिया। दून ने मिश्रा का ऐसा दिल जीता कि उन्होंने जल्द ही दोबारा देहरादून आकर शो करने का वादा भी किया। अमर उजाला ने इस कार्यक्रम में मीडिया पार्टनर की भूमिका निभाई। मॉल ऑफ देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने शो की शुरुआत अपने पुराने गीत जब शहर हमारा सोता है... से की।
न्यू चंडीगढ़ में भी चवन्नी ने खूब हंसाया, आरंभ है प्रचंड पर झूमे दर्शक
आरंभ है प्रचंड बोल मस्तकों के झुंड... जैसे ही वर्ल्ड स्ट्रीट डाउनटाउन ओमेक्स में गूंजा तो चारों तरफ तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी। मौका था पीयूष मिश्रा के उड़नखटोला इंडिया टूर का, जो बीते 7 मार्च को न्यू चंडीगढ़ स्थित ओमेक्स में आ पहुंचा था। दर्शकों से खचाखच भरे आयोजन स्थल में पीयूष मिश्रा की अनूठी शैली से बुजुर्ग से लेकर युवा तक झूमने लगे। पीयूष मिश्रा ने कभी यादों में रह गई चवन्नी को याद किया तो कभी पुराने जमाने के गीतों और उनके गायकों को। वहीं, अपने गीतों में उन्होंने आज के माहौल को भी पेश किया। अपनी अदाकारी, लेखन और कविताओं की प्रस्तुति के साथ कहानियों के लिए प्रसिद्ध पीयूष मिश्रा ने सभी का दिल जीत लिया।
पीयूष मिश्रा के ओ हुस्ना... पर झूमे कानपुरवासी
संगीत की तेज स्वर लहरियों और रंग बिरंगी लाइटों के बीच जैसे ही गायक पीयूष मिश्रा ने मैं तो हूं बैठा ओ हुस्ना मेरी यादों पुरानी में खोया... गीत गुनगुनाया तो समां तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। गाना खत्म होते ही श्रोताओं ने वंस मोर का शोर मचा दिया। यह मौका था कानपुर शहर के रेवथ्री में आयोजित उड़नखटोला इंडिया टूर का, जिसमें बल्लीमारान बैंड के साथ अपने अंदाज में गीत और कविताओं से पीयूष ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
एक बगल में चांद होगा एक बगल में रोटियां... पर झूमे लखनऊवासी
उनके गीतों में कहीं ठहराव है तो कहीं गति... कहीं सौम्यता है तो कहीं प्रचंडता। बीच-बीच में दर्शकों से बातचीत होती है तो कहीं हल्की-फुल्की मस्ती और मजाक भी। यही वो अंदाज है जो पीयूष मिश्रा को अन्य गायकों से अलहदा करता है। 1 मार्च 2025 यानी शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पीयूष मिश्रा के कंसर्ट में उनका यही अंदाज रूबरू देखने को मिला। यहां दर्शक एक ओर उनके गीतों पर झूमते रहे तो दूसरी ओर उनके अंदाज-ए-बयां ने लखनवियों को अपना मुरीद बना दिया।
‘उड़नखटोला’ ने संगीतमय प्रस्तुति से जीता गुरुग्रामवासियों का दिल
कलाकार पीयूष मिश्रा का ‘उड़नखटोला’ टूर भारत के विभिन्न शहरों और दुबई में धूम मचाने के बाद 22 फरवरी 2025 यानी शनिवार को गुरुग्राम पहुंचा। बल्लीमारान बैंड के साथ अपने अनोखे संगीत और कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत संध्या में अपनी प्रस्तुति से लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। सेक्टर-29 में शनिवार शाम पीयूष मिश्रा और उनके बैंड बल्लीमारान ने शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह दूसरी बार गुरुग्राम आए हैं। इसके बाद अपने बैंड के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में लंबे समय तक रहा हूं। उर्दू शायरी के मास्टर मिर्जा गालिब को उनका बैंड संगीतमय श्रद्धांजलि देता है। इस बैंड का नाम, दिल्ली की उस गली से प्रेरित है, जहां कभी मिर्जा गालिब रहते थे।