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शिक्षा निदेशालय का आदेश : अब 9वीं-11वीं में भी साल में दो बार होंगी परीक्षाएं
Sat, 04 Sep 2021 06:38 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Sep 2021 06:38 AM IST
सार
- शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सीबीएसई का परीक्षा पैटर्न अपनाने के दिए निर्देश
- दोनों सत्रों में 50-50 फीसदी पाठ्यक्रम से किया जाएगा मूल्यांकन
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं-12वीं के लिए साल में दो बार परीक्षा की व्यवस्था लाने के बाद अब नौवीं व 11वीं में भी साल में दो बार परीक्षा होगी। दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त व निजी स्कूलों से कहा है कि वह मूल्यांकन के लिए दो बार परीक्षा आयोजित करें। दोनों सत्रों में 50-50 फीसदी पाठ्यक्रम से मूल्यांकन किया जाए।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को जारी आदेश में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 को दो सत्रों में बांटा जाए। पहले सत्र में मध्यावधि परीक्षा और दूसरे सत्र में वार्षिक परीक्षा हो। दोनों सत्रों के लिए पाठ्यक्रम 50-50 फीसदी होगा। पहले सत्र की परीक्षा अक्तूबर और नवंबर में बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित होगी। इसमें केस आधारित भी होंगे।
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परीक्षा की अवधि 90 मिनट की होगी। दूसरे सत्र में वस्तुनिष्ठ प्रश्न, केस आधारित, लघु व दीर्घ प्रश्न पूछे जाएंगे। यह परीक्षा फरवरी-मार्च में दो घंटे की होगी। सीबीएसई पैटर्न पर ही प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। दोनों सत्रों के आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल कार्य, सुनने व बोलने का मूल्यांकन के अंकों को अंतिम स्कोर में जोड़ा जाएगा।
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शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को सत्र आधारित अंकों के वेटेज की जानकारी भी भेजी है। इसी आधार पर बच्चों का मूल्यांकन करना है। मालूम हो कि सीबीएसई ने कोरोना महामारी के कारण कुछ माह पहले 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं के लिए विशेष मूल्यांकन योजना की घोषणा की थी। बोर्ड ने दोनों कक्षाओं के लिए शैक्षणिक सत्र को दो खंडों में बांट कर पाठ्यक्रम को भी आधा-आधा कर दिया है।