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रेल भवन में दिखेगी वंदे भारत की झलक: ब्रिटिश कालीन भाप इंजन को रेल भवन से हटाकर राष्ट्रीय रेल संग्रहालय पहुंचाया
Tue, 15 Feb 2022 08:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Feb 2022 08:56 AM IST
सार
रेल भवन परिसर में अब यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज दार्जिलिंग हिमालय रेलवे का हिस्सा रहे स्टीम इंजन लोको नंबर 799 की जगह स्वदेश में नीर्मित सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के रिप्लिका को स्थापित कर दिया गया है।
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रेल भवन पर अब वंदे भारत ट्रेन की झलक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रेल भवन परिसर में लगे ऐतिहासिक भाप इंजन की जगह अब नए भारत की तस्वीर पेश करने वाले वंदे भारत ट्रेन की झलक दिखेगी। रेलवे ने ऐतिहासिक भाप इंजन को हटाकर इसे राष्ट्रीय रेल संग्रहालय पहुंचा दिया गया है।
इसके स्थान पर सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की प्रतिकृति लगा दी गई है। जिस इंजन को यहां से हटाया गया है उसका निर्माण यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो में किया गया था।
रेल भवन परिसर में अब यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज दार्जिलिंग हिमालय रेलवे का हिस्सा रहे स्टीम इंजन लोको नंबर 799 की जगह स्वदेश में नीर्मित सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के रिप्लिका को स्थापित कर दिया गया है। 1925 में ग्लासगो की नॉर्थ ब्रिटिश कंपनी में बने स्टीम इंजन ने 3 दशकों तक सेवाएं दी थीं।
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स्वतंत्रता मिलने के कुछ साल बाद इसे दिल्ली लाया गया था। अब यह चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आम लोगों के लिए उपलब्ध रहे। रेल भवन में प्रवेश वर्जित होने के कारण कम लोग इसे यहां देख सकते थे। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में अधिक से अधिक संख्या में लोग इसे देख सकेंगे। वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेल की प्रगति को दर्शाएगी।
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इसके स्थान पर सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की प्रतिकृति लगा दी गई है। जिस इंजन को यहां से हटाया गया है उसका निर्माण यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो में किया गया था।
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रेल भवन परिसर में अब यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज दार्जिलिंग हिमालय रेलवे का हिस्सा रहे स्टीम इंजन लोको नंबर 799 की जगह स्वदेश में नीर्मित सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के रिप्लिका को स्थापित कर दिया गया है। 1925 में ग्लासगो की नॉर्थ ब्रिटिश कंपनी में बने स्टीम इंजन ने 3 दशकों तक सेवाएं दी थीं।
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स्वतंत्रता मिलने के कुछ साल बाद इसे दिल्ली लाया गया था। अब यह चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आम लोगों के लिए उपलब्ध रहे। रेल भवन में प्रवेश वर्जित होने के कारण कम लोग इसे यहां देख सकते थे। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में अधिक से अधिक संख्या में लोग इसे देख सकेंगे। वंदे भारत ट्रेन भारतीय रेल की प्रगति को दर्शाएगी।