{"_id":"60e5d9088ebc3edbd17555ec","slug":"now-corona-variants-will-be-investigated-in-delhi-hospital-cm-launches-genome-sequencing-facility-at-lnjp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राहत: दिल्ली में घूम रहे कोरोना वायरस की पहचान में होगी आसानी, केजरीवाल सरकार का पहला जीनोम सीक्वेसिंग केंद्र शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत: दिल्ली में घूम रहे कोरोना वायरस की पहचान में होगी आसानी, केजरीवाल सरकार का पहला जीनोम सीक्वेसिंग केंद्र शुरू
Thu, 08 Jul 2021 12:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 08 Jul 2021 12:03 AM IST
सार
कोरोना की संक्रामकता का अध्ययन करने के लिए ज्यादा सटीक और तेज परिणाम प्राप्त करने की होगी कोशिश।
विज्ञापन
केजरीवाल सरकार का पहला जीनोम सीक्वेसिंग केंद्र शुरू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी दिल्ली में घूम रहे कोरोना वायरस के गंभीर वेरिएंट की पहचान अब आसान हो सकेगी। दिल्ली सरकार का पहला जीनोम सीक्वेसिंग केंद्र लोकनायक अस्पताल में शुरू हो चुका है जहां विशेषज्ञ मरीजों के सैंपल की सीक्वेसिंग करने के साथ यह पता लगा सकेंगे कि वह किस वेरिएंट से पीड़ित है।
ऐसा करने से न सिर्फ वायरस के बदलाव का पता चलेगा बल्कि उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को भी वैज्ञानिक पहले से पता लगा लेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर सरकार को अलर्ट भी कर सकते हैं।
बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि अभी तक उनकी सरकार केंद्र की प्रयोगशालाओं पर निर्भर थी लेकिन अब दिल्ली सरकार के ही अस्पताल में यह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जेनेटिक एनॉलाइजर मशीन से विश्लेषण कर कोरोना के नए वेरिएंट का पता लगाया जा सकेगा। जब वेरिएंट का पता चल जाएगा, तो हमें उससे निपटने के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
सीएम ने यहां तक बताया कि यह मशीन संभावित तीसरी लहर में बहुत मददगार भी साबित होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उत्तर भारत में इस तरह की यह तीसरी सुविधा है। अभी तक नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) पर उत्तरी राज्यों की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
ऐसा करने से न सिर्फ वायरस के बदलाव का पता चलेगा बल्कि उससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को भी वैज्ञानिक पहले से पता लगा लेंगे और फिर जरूरत पड़ने पर सरकार को अलर्ट भी कर सकते हैं।
विज्ञापन
बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि अभी तक उनकी सरकार केंद्र की प्रयोगशालाओं पर निर्भर थी लेकिन अब दिल्ली सरकार के ही अस्पताल में यह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि जेनेटिक एनॉलाइजर मशीन से विश्लेषण कर कोरोना के नए वेरिएंट का पता लगाया जा सकेगा। जब वेरिएंट का पता चल जाएगा, तो हमें उससे निपटने के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
सीएम ने यहां तक बताया कि यह मशीन संभावित तीसरी लहर में बहुत मददगार भी साबित होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उत्तर भारत में इस तरह की यह तीसरी सुविधा है। अभी तक नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) पर उत्तरी राज्यों की जिम्मेदारी है।
Trending Videos
सीएम ने लोगों से अपील की है कि जहां गतिविधियां खोली जा रही हैं, वहा सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया जाए। अगर ऐहतियात नहीं बरतेंगे, तो फिर से कोरोना फैल जाएगा। उद्घाटन समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) और लोक नायक अस्पताल के एमडी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
एक और अस्पताल में शुरू होगी लैब
सीएम ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के एक अन्य अस्पताल इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलयरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भी इसी तरह की एक प्रयोगशाला शुरू होने जा रही है। इस तरह दिल्ली सरकार के पास जीनोम सीक्वेसिंग की दो प्रयोगशाला होगीं जोकि रात-दिन कोरोना वायरस की पहचान करने में जुटी रहेगीं।
बाजारों से आ रहीं शिकायतें, लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना
सीएम ने कहा कि हम लोगों ने काफी गतिविधियां खोल दी है और बाकी गतिविधियों को हम चरणबद्ध तरीके से खोलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई बाजारों से नियमों का पालन न करने की शिकायतें आ रही हैं।
उन्होंने दिल्ली वालों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए कहा कि जहां पर गतिविधियां खोली जा रही हैं, वहा पर सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया जाए। अगर हम ऐहतियात नहीं बरतते हैं, तो फिर से कोरोना फैला जाएगा। इसलिए ऐहतियात बरतना हम सब लोगों की जिम्मेदारी है।
एक और अस्पताल में शुरू होगी लैब
सीएम ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के एक अन्य अस्पताल इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलयरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भी इसी तरह की एक प्रयोगशाला शुरू होने जा रही है। इस तरह दिल्ली सरकार के पास जीनोम सीक्वेसिंग की दो प्रयोगशाला होगीं जोकि रात-दिन कोरोना वायरस की पहचान करने में जुटी रहेगीं।
बाजारों से आ रहीं शिकायतें, लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना
सीएम ने कहा कि हम लोगों ने काफी गतिविधियां खोल दी है और बाकी गतिविधियों को हम चरणबद्ध तरीके से खोलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई बाजारों से नियमों का पालन न करने की शिकायतें आ रही हैं।
उन्होंने दिल्ली वालों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए कहा कि जहां पर गतिविधियां खोली जा रही हैं, वहा पर सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन किया जाए। अगर हम ऐहतियात नहीं बरतते हैं, तो फिर से कोरोना फैला जाएगा। इसलिए ऐहतियात बरतना हम सब लोगों की जिम्मेदारी है।