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Umar Khalid: उमर खालिद की जमानत पर सुनवाई 27 जुलाई तक स्थगित, वकील की गैरमौजूदगी के कारण लिया गया फैसला
Mon, 04 Jul 2022 06:56 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 04 Jul 2022 06:56 PM IST
सार
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने मार्च 2022 में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था।
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उमर खालिद
- फोटो : ANI
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने सोमवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा की साजिश मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर वकील की अनुपलब्धता के कारण सुनवाई स्थगित कर दी। उमर के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस कोविड की चपेट में हैं। खालिद ने निचली अदालत द्वारा उसे दिल्ली दंगों 2020 की एक साजिश में जमानत से इनकार फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। अब इस मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने मार्च 2022 में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया था। उन पर दिल्ली पुलिस द्वारा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और 13 सितंबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया था।
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पीठ ने 30 मई को पिछली सुनवाई में उमर खालिद की जमानत याचिका पर कहा था कि अमरावती का भाषण आपत्तिजनक है लेकिन इसे आतंकवादी गतिविधियां नहीं माना जा सकता। उक्त भाषण कथित तौर पर खालिद ने 17 फरवरी, 2020 को अमरावती में दिया था।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने कहा था यदि अभियोजन पक्ष का मामला इस आधार पर है कि आपत्तिजनक भाषण कितना था, तो यह अपने आप में अपराध नहीं होगा। पीठ ने आगे कहा था कि यह मानहानि के समान हो सकता है लेकिन यह आतंकवादी गतिविधि नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2023 में सुनवाई के दौरान पीठ ने भाषण को आपत्तिजनक बताया था।