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नीतीश कटारा हत्याकांड: दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव की फरलो याचिका खारिज की, 25 साल की काट रहे हैं सजा

Wed, 11 Feb 2026 11:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Wed, 11 Feb 2026 11:11 PM IST
सार

न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की एकल पीठ ने कहा कि जेल अधिकारियों के आदेश में कोई मनमानी या अवैधता नहीं हुई है। विकास यादव 2002 में व्यवसायी नीतीश कटारा की अपहरण और हत्या के मामले में 25 साल की सजा काट रहे हैं। उन्होंने तीन सप्ताह की फरलो मांगी थी, जिसे जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था।

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Nitish Katara murder case: Delhi High Court rejects Vikas Yadav's furlough plea
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव की फरलो की याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा की एकल पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जेल अधिकारियों के जारी आदेश में कोई मनमानी, अवैधता या संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है।

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विकास यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे हैं, वर्ष 2002 में व्यवसायी नीतीश कटारा की अपहरण और हत्या के मामले में 25 साल की सजा काट रहे हैं। यह सजा बिना छूट (रिमिशन) के है। उन्होंने जेल से तीन सप्ताह की फरलो की मांग की थी, जिसे जेल प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। विकास ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। फरलो जेल से अस्थायी रिहाई होती है, जो पूरी सजा निलंबित या माफ नहीं करती, बल्कि लंबी सजा काट रहे कैदियों को सामाजिक संबंध बनाए रखने के लिए दी जाती है। विकास ने दावा किया था कि उन्होंने हाल ही में शादी की है और इसलिए फरलो की जरूरत है। नीतीश कटारा की हत्या का मामला 16-17 फरवरी 2002 की रात का है, जब उन्हें एक शादी समारोह से अपहरण किया गया था। विकास यादव, उनके चचेरे भाई विशाल यादव और सुकदेव यादव ने नीतीश को जातिगत आधार पर विकास की बहन से कथित संबंध के कारण मार डाला था। सुप्रीम कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2016 को विकास और विशाल को 25 साल तथा सुकदेव को 20 साल की सजा सुनाई थी।

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