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चेतावनी: तीन महीने तक सतर्क रहे दिल्ली सरकार, नीति आयोग ने कहा- अनलॉक से बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले

Fri, 23 Jul 2021 09:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 23 Jul 2021 09:00 PM IST
सार

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में उन्होंने सुझाव दिए कि राजधानी में किसी भी तरह की यात्रा पाबंदियां लगाने से पहले दिल्ली सरकार केंद्र से संपर्क करे। डॉ. पॉल ने कहा कि दिल्ली में  फिलहाल संक्रमण दर कम है। लेकिन वायरस में हो रहे बदलावों और अनलॉक को देखते हुए सावधान रहें और संक्रमण की रोकथाम के लिए चल रही सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन इसी तरह जारी रखें। 
 

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NITI Aayog advises Delhi government to be vigilant for three months
अरविंद केजरीवाल - फोटो : पीटीआई

विस्तार

नीति आयोग  के सदस्य डॉक्टर वी. के. पॉल ने दिल्ली सरकार से अगले तीन महीने तक कोरोना को लेकर सतर्क रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण में आई कमी के बाद गतिविधियों को खोला गया है। ऐसे में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसको देखते हुए पूरी एहतियात बरतने की जरूरत है। 
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दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में उन्होंने सुझाव दिए कि राजधानी में किसी भी तरह की यात्रा पाबंदियां लगाने से पहले दिल्ली सरकार केंद्र से संपर्क करे। डॉ. पॉल ने कहा कि दिल्ली में  फिलहाल संक्रमण दर कम है। लेकिन वायरस में हो रहे बदलावों और अनलॉक को देखते हुए सावधान रहें और संक्रमण की रोकथाम के लिए चल रही सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन इसी तरह जारी रखें। 
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पॉल ने सुझाव दिया कि दिल्ली से जुड़ी अंतरराज्यीय यात्रा पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने से पहले केंद्र सरकार की सलाह लेनी चाहिए क्योंकि यह देश की राजधानी है। बैठक में दिल्ली के  मुख्य सचिव विजय देव ने निजी सेक्टर के पास बिना इस्तेमाल के टीकों का भंडार पड़े होने का मुद्दा उठाया। 
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इस पर वी.के पॉल ने कहा कि दिल्ली सरकार इस तरह के टीकों के स्टॉक को खरीदने के विकल्प पर विचार कर सकती है। इससे अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सकता है।  

डीडीएमए की बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सुझाव दिया कि राज्यों में नेगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट मांगने के बजाए टीकाकरण प्रमाण पत्र को मानक बनाया जाना चाहिए क्योंकि इससे टीकाकरण को बढ़ावा भी मिलेगा। 

गणित के मॉडल से नहीं किया जा सकता अगली लहर का आंकलन
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर )ने दिल्ली सरकार से कहा है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर कब आएगी इसका आँकलन गणित के मॉडल के आधार पर नहीं किया जा सकता है।

आईसीएमआर के महामारी विशेषज्ञ डॉ समीरन पांडा ने कहा है कि कोविड  महामारी की तीसरी लहर, दूसरी जितनी गंभीर नहीं होगी। लोगों को इससे बहुत ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, हांलाकि बचाव के उपायों को अपनाने में भी कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।साथ ही अगली लहर को लेकर सभी सावधानी बरतनी चाहिए। 
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