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Hindi News ›   Delhi ›   NIA Court sentences Md Shafi Shah Muzaffar Ahmad Dar to 12 while Talib Lali and Mushtaq Ahmad Lone to 10 yrs imprisonment

दिल्ली: देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने वाले चार आतंकियों को एनआईए कोर्ट ने सुनाई सजा

Mon, 25 Oct 2021 07:21 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 25 Oct 2021 07:21 PM IST
सार

अदालत ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करने वाले मोहम्मद शफी शाह और मुजफ्फर अहमद डार को 12 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तालिब लाली और मुश्ताक अहमद लोन को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।

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NIA Court sentences Md Shafi Shah Muzaffar Ahmad Dar to 12 while Talib Lali and Mushtaq Ahmad Lone to 10 yrs imprisonment
एनआईए - फोटो : एएनआई

विस्तार

एनआईए की अदालत ने भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के लिए मोहम्मद शफी शाह और मुजफ्फर अहमद डार को 12 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तालिब लाली और मुश्ताक अहमद लोन को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने बताया कि ये सभी आतंकी भारत में हिजबुल मुजाहिद्दीन के लिए काम करते हैं।
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विशेष एनआईए जज प्रवीण सिंह ने कहा, चूंकि ये संगठन पाकिस्तान से संचालित है, इसके खिलाफ ऑडिट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर हासिल कर पाना मुश्किल है। हालांकि चश्मदीदों के बयान से साफ है कि जेकेएआरटी हिजबुल मुजाहिदीन का मुखौटा संगठन है।
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एनआईए ने 25 अक्तूबर, 2011 को सैय्यद सलाउद्दीन, अमीर (हिजबुल मुजाहिदीन), महबूब उल हक, मसरूर डार, मसूद सरफराज, अमीर (हिज्ब-ए-इस्लामी) और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। एनआईए ने चार्जशीट मे आरोप लगाया था कि जम्मू कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन को लगातार बाहर से आतंकी फंडिंग हो रही है और इसका नेतृत्व सैय्यद सलाउद्दीन कर रहा है।
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एनआइए के अनुसार इस मामले में उन्होंने बारह लोगों को आरोपित बनाया था, जिनमें से चार सदस्यों को सजा सुनाई गई है। इनपर आरोप है कि ये हिजबुल की मददगार गैर सरकारी संस्था जम्मू-कश्मीर अफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट (जेकेएआरटी) के माध्यम से फंड एकत्रित करते थे। इस फंड को वे सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के परिवारों को पहुंचाते थे, ताकि देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
 
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