एनडीएमसी का यूटर्न: रमजान में उपवास रखने वाले मुस्लिम कर्मचारी जल्दी नहीं छोड़ सकेंगे दफ्तर, फुल टाइम करना होगा काम
उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने विरोध जताते हुए कहा कि इस संबंध में मैंने एनडीएमसी के अध्यक्ष और नागरिक निकाय के सक्षम प्राधिकारी से बात कर इस आदेश को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है। मुझे इस तरह के किसी आदेश के बारे में पता नहीं था।
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नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने रमजान के महीने में उपवास रखने वाले अपने सभी मुस्लिम कर्मचारियों को शाम 4.30 बजे कार्यालय छोड़ने की अनुमति देने वाले फैसले को वापस ले लिया है। गौरतलब है कि एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने इसका विरोध मंगलवार को ही किया था। अब निकाय ने तीन अप्रैल से दो मई तक के लिए जारी अपने आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।
रमजान इस्लाम कैलेंडर का नौवां महीना है। इस महीने के दौरान इस्लाम धर्म मानने वाले अनुयायी सुबह से शाम तक उपवास रखकर शांति और मार्गदर्शन के लिए प्रार्थना करते हुए समुदाय को दान के रूप में वापस देते हैं। एनडीएमसी ने एक आधिकारिक आदेश में कहा था कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के साथ एनडीएमसी के सभी उपवास रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को 'रमजान' के महीने में शाम 4.30 बजे अपने कार्यालय छोड़ने की अनुमति है।
उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने विरोध जताते हुए कहा कि इस संबंध में मैंने एनडीएमसी के अध्यक्ष और नागरिक निकाय के सक्षम प्राधिकारी से बात कर इस आदेश को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया है। मुझे इस तरह के किसी आदेश के बारे में पता नहीं था। मेरी जानकारी में आने के बाद तो मैंने ऐसे आदेश का विरोध किया जो गैर-धर्मनिरपेक्ष है।
इससे पहले दिल्ली जल बोर्ड ने रमजान के दौरान अपने मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान रोजाना काम से दो घंटे की छुट्टी की अनुमति देने संबंधी एक एक परिपत्र जारी किया था। भाजपा के विरोध के बाद इसे रद्द कर दिया गया।