दिल्ली: ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का एमआरपी जल्द किया जाएगा तय, जमाखोरी और काला बाजारी पर लगेगी रोक
खंडपीठ ने कहा कि मूल्य निर्धारण फॉर्मूला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश निर्माता ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर एमआरपी नहीं लिख रहा है और इससे यह दुकानों में आसानी से नहीं मिल रहा।
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ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और कोविड इलाज से जुड़े अन्य उपकरणों का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) जल्द तय कर दिया जाएगा। इससे कंसंट्रेटर की जमाखोरी व कालाबाजारी को रोका जा सकेगा। केंद्र सरकार ने उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया है कि नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) आक्सीजन कंसंट्रेटर की एमआरपी तय करने के लिए फार्मूला तय कर रही है। जल्द ही कीमत तय करने का फार्मूला बना जाएगा। पीठ ने सरकार को 31 मई तक इस मुद्दे पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने हालही में कंसंट्रेटरों का अधिकतम मूल्य तय न करने पर फटकार भी लगाई थी।
खंडपीठ ने कहा कि मूल्य निर्धारण फॉर्मूला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अधिकांश निर्माता ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर एमआरपी नहीं लिख रहा है और इससे यह दुकानों में आसानी से नहीं मिल रहा। पीठ ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आक्सीजन कंसंट्रेटर खान मार्केट में उपलब्ध है, बल्कि यह सिर्फ पिछले दरवाजे के माध्यम से कुछ लोगों को मिल रहा था।
केंद्र सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता कीर्तिमान सिंह ने अदालत को बताया कि एनपीपीए ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत निर्धारित करने के लिए फॉर्मूला तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह मार्जिन को कम करने के लिए पीठ द्वारा पहले सुझाए गए तर्ज पर काम कर रहा है। पिछली सुनवाई पर उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से यह बताने के लिए कहा था कि वह ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के एमआरपी तय करने के लिए एक फार्मूला क्यों नहीं तय किया जा रहा।
पीठ ने कहा कि वे सरकार से रुपये या पैसे में कीमत तय करने के लिए नहीं कह रहे, बल्कि एक फार्मूला बनाने को कह रहा है जिस पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उत्पाद के कीमत, जीएसटी, सीमा शुल्क और 15 फीसदी मुनाफा को आधार बनाकर फॉर्मूले बनाया जा सके। पीठ ने सरकार को दिल्ली निवासी मनीषा चौहान की याचिका पर सरकार को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कीमत तय करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि कीमत तय नहीं होने से इसका कालाबाजारी हो रहा है।