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Delhi News: मानसिक रूप से दिव्यांगों को मिलेगा सुविधाजनक ठिकाना
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समाज कल्याण मंत्री ने किया निर्माणाधीन नरेला कैंपस का निरीक्षण
तीन महीने में शुरू करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के नरेला में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए बन रहा नया कैंपस पूरी तरह उनके अनुकूल होगा, जोकि जल्द ही उनकी जिंदगी में नई उम्मीद लेकर आएगा। समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने शुक्रवार को इस निर्माणाधीन कैंपस का निरीक्षण किया और इसे तीन महीने में शुरू करने के निर्देश दिए।
नरेला के नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल और प्राथमिक शहरी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तैयार हो रहा भवन मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए एक नया आशियाना बनेगा। समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने पीडब्ल्यूडी और विभागीय अधिकारियों के साथ इसका जायजा लेते हुए कहा कि यह कैंपस 220 दिव्यांगों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह देगा। तीन महीने में शुरू होने वाली इस सुविधा से रोहिणी के आशा होम्स जैसे शेल्टर होम्स, जहां क्षमता से ज्यादा लोग हैं, उनको राहत मिलेगी।
निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए : मंत्री
मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, परिसर के बाहर अतिक्रमण न हो और एंबुलेंस की आवाजाही निर्बाध रहे। उन्होंने बताया कि मामूरपुर और दल्लूपुरा में भी दिव्यांगों के लिए भवन तैयार हो रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं में इजाफा होगा। नरेला का यह कैंपस न केवल रहने की जगह देगा, बल्कि दिव्यांगों को सम्मान और बेहतर जीवन का अवसर भी प्रदान करेगा।
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तीन महीने में शुरू करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के नरेला में मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए बन रहा नया कैंपस पूरी तरह उनके अनुकूल होगा, जोकि जल्द ही उनकी जिंदगी में नई उम्मीद लेकर आएगा। समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने शुक्रवार को इस निर्माणाधीन कैंपस का निरीक्षण किया और इसे तीन महीने में शुरू करने के निर्देश दिए।
नरेला के नर्सिंग कॉलेज हॉस्टल और प्राथमिक शहरी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में तैयार हो रहा भवन मानसिक रूप से दिव्यांगों के लिए एक नया आशियाना बनेगा। समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने पीडब्ल्यूडी और विभागीय अधिकारियों के साथ इसका जायजा लेते हुए कहा कि यह कैंपस 220 दिव्यांगों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की जगह देगा। तीन महीने में शुरू होने वाली इस सुविधा से रोहिणी के आशा होम्स जैसे शेल्टर होम्स, जहां क्षमता से ज्यादा लोग हैं, उनको राहत मिलेगी।
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निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए : मंत्री
मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, परिसर के बाहर अतिक्रमण न हो और एंबुलेंस की आवाजाही निर्बाध रहे। उन्होंने बताया कि मामूरपुर और दल्लूपुरा में भी दिव्यांगों के लिए भवन तैयार हो रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं में इजाफा होगा। नरेला का यह कैंपस न केवल रहने की जगह देगा, बल्कि दिव्यांगों को सम्मान और बेहतर जीवन का अवसर भी प्रदान करेगा।
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