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200 करोड़ की जालसाजी का मामला : आरोपी चंद्रशेखर पर लगाया जा सकता है मकोका
Thu, 02 Sep 2021 06:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 02 Sep 2021 06:44 AM IST
सार
- अभी तक 23 अधिकारियों का हो चुका है तबादला
- दो एफआईआर दर्ज हुई हैं
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- फोटो : PTI
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने रोहिणी जेल के कैदी सुकेश चंद्रशेखर द्वारा रेलिगेयर के पूर्व प्रमोटरों मलविंदर और शिविंदर सिंह की पत्नियों को कथित तौर पर 200 करोड़ रुपये ठगने के मामले में अपनी जांच तेज कर दी है। सुकेश इस समय तिहाड़ जेल में है। इस मामले में अब तक दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 23 उपाधीक्षकों का तबादला किया जा चुका है। ईओडब्ल्यू के अधिकारी चंद्रशेखर के खिलाफ मकोका लगाने की तैयारी कर रहे हैं।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में पता चला कि आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने शिविंदर की पत्नी अदिति सिंह और मलविंदर की पत्नी जपना सिंह से कई करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। दोनों पीड़ित महिलाओं ने दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय कानून मंत्रालय के एक अधिकारी के रूप में अपने पति की जमानत सुनिश्चित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरोपी को करोड़ों रुपये का भुगतान किया है।
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पुलिस टीम अब उसके पहले के धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के मामलों का विवरण एकत्र कर रहा है और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत उसके खिलाफ मामला दर्ज करने की योजना बना रहा है। आदिति सिंह ने अपनी शिकायत कहा था कि फोन करने वाले ने आश्वासन दिया था कि केंद्र सरकार मेरे पति को कोविड से संबंधित समितियों में %उद्योग सलाहकार’ बनाने के बाद उनके साथ काम करने में दिलचस्पी लेगी। उसे पार्टी फंड में योगदान करने के लिए कहा और पूर्व कानून मंत्री या गृह मंत्री के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया।
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वहीं जपना सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने 28 जुलाई, 29, 30 और 6 अगस्त को हांगकांग स्थित खाते में कुल 3.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया और लेनदेन के सबूत साझा किए। बाद में, पुलिस ने जाल बिछाया और प्रदीप व दीपक को आठ अगस्त को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवदेशनशील है। पुलिस इस मामले में अभी तक सुकेश के दो सहयोगी प्रदीप रामदानी और दीपक रामनानी को गिरफ्तार कर चुकी है। दो जेल अधिकारी उपाधीक्षक सुभाष बत्रा और सहायक जेल अधीक्षक धर्म सिंह मीणा के अलावा बैंक के तीन लोग कोमल पोद्दार, जो कनॉट प्लेस में आरबीएल में प्रबंधक हैं, और उनके दो सहयोगी अविनाश कुमार और जितेंद्र नरूला गिरफ्तार हो चुके हैं।