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दिल्ली: ऑक्सीजन की कमी से मौतों की जांच वाली मांग की फाइल एलजी ने फिर लौटाई, सरकार ने कमेटी गठित करने का दिया था प्रस्ताव
Fri, 20 Aug 2021 06:51 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 20 Aug 2021 06:51 PM IST
सार
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सबसे पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि ऑक्सीजन की कमी थी और उसके बाद इस बात की जांच करनी चाहिए कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से कितनी मौत हुई।
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anil baijal
विस्तार
दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जांच का मामला थमता नहीं दिख रहा है। दिल्ली सरकार की ओर से बनाई गई स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जांच समिति को उपराज्यपाल ने दोबारा खारिज कर दिया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए केंद्र सरकार उपराज्यपाल के माध्यम से इस समिति को बार-बार नामंजूर करा रही है। ऐसा करना उन लोगों के साथ खिलवाड़ है, जिन्होंने कोरोना की दूसरी लहर में जान गंवाई है।
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सबसे पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि ऑक्सीजन की कमी थी और उसके बाद इस बात की जांच करनी चाहिए कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से कितनी मौत हुई। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस मामले में दिल्ली सरकार ने जब जांच कराने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया तो केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल से कहकर उस कमेटी को खारिज करवा दिया।
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इस बाबत केंद्र सरकार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व गृह मंत्री को पत्र लिखा और जांच समिति को मंजूरी देने के लिए दोबारा उपराज्यपाल के पास फाइल भेजी, लेकिन इस बार भी मंजूरी नहीं मिली। मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार ये कह रही है कि राज्य उन्हें ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के आंकड़े बताए और दूसरी ओर इस बाबत जांच भी नहीं करने दे रही है।
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सरकार ये चाहती है कि राज्य उन्हें बिनी किसी जांच के ये रिपोर्ट सौंप दें कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई है। ऐसा करना उन लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना होगा जिन्होंने अपनों को खोया है। जिन डॉक्टरों ने इस त्रासदी को झेला है ये उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा होगा।