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दिल्ली इकलौती बची हथिनी लक्ष्मी को लेकर भागने वाला महावत गिरफ्तार
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महावत सद्दाम को शकरपुर थाना पुलिस ने हथिनी लेकर भागने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
- फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। दिल्ली की इकलौती बची हथिनी लक्ष्मी को लेकर भागने वाले महावत को आखिर शकरपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महावत की पहचान सद्दाम (30) के रूप में हुई है। लक्ष्मी को भी बरामद कर लिया गया। दरअसल कोर्ट के आदेश के बाद छह जुलाई को वन एवं वन्य जीव विभाग की टीम लक्ष्मी को लेने यमुना खादर पहुंची थी, लेकिन लक्ष्मी के मालिक व उसके परिवार ने टीम पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। बाद में महावत सद्दाम लक्ष्मी को लेकर यमुना खादर में फरार हो गया था, तभी से पुलिस को महावत सद्दाम, मालिक यूसुफ और उसके बेटे शाकिर की तलाश थी। कोर्ट ने इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया हुआ था। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि यूसुफ की पत्नी शबाना को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। अभी यूसुफ और शाकिर की पुलिस को तलाश है। बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे वन्य जीव विभाग की टीम लक्ष्मी को लेकर चली गई।
जानकारी के अनुसार, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत राजधानी में मौजूद हाथियों को वन्य जीव विभाग ने कब्जे में लेकर उनको सुरक्षित भिजवा दिया था, लेकिन पिछले कई दशकों से हथिनी लक्ष्मी का मालिक उसे आईटीओ के पास यमुना खादर में रखे हुए था।
35 साल से पाल रहा था परिवार
यूसुफ के करीबी ने बताया कि पिछले करीब 35 साल से यूसुफ और उसका परिवार लक्ष्मी को पाल रहा था। लक्ष्मी उनकी कमाई का जरिया नहीं थी, बल्कि उनके परिवार की एक सदस्य की तरह थी। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जब परिवार को पता चला कि लक्ष्मी को उन्हें वन्य जीव विभाग को सौंपना पड़ेगा तो वह इसके लिए तैयार नहीं हुए थे।
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रातभर थाने में रखने से हुई दिक्कत
पुलिस टीम रात करीब 12.15 बजे लक्ष्मी को लेकर थाने आ गई, लेकिन उसे थाने में रखना पुलिस के लिए चुनौती था। पुलिस ने सद्दाम को लक्ष्मी के पास ही रखा, ताकि उसको काबू में रखा जा सके। इधर बुधवार सुबह जैसे ही इलाके में हथिनी के थाने में होने का पता चला, लोगों की भीड़ थाने में जुट गई।
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जानकारी के अनुसार, वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत राजधानी में मौजूद हाथियों को वन्य जीव विभाग ने कब्जे में लेकर उनको सुरक्षित भिजवा दिया था, लेकिन पिछले कई दशकों से हथिनी लक्ष्मी का मालिक उसे आईटीओ के पास यमुना खादर में रखे हुए था।
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35 साल से पाल रहा था परिवार
यूसुफ के करीबी ने बताया कि पिछले करीब 35 साल से यूसुफ और उसका परिवार लक्ष्मी को पाल रहा था। लक्ष्मी उनकी कमाई का जरिया नहीं थी, बल्कि उनके परिवार की एक सदस्य की तरह थी। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जब परिवार को पता चला कि लक्ष्मी को उन्हें वन्य जीव विभाग को सौंपना पड़ेगा तो वह इसके लिए तैयार नहीं हुए थे।
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रातभर थाने में रखने से हुई दिक्कत
पुलिस टीम रात करीब 12.15 बजे लक्ष्मी को लेकर थाने आ गई, लेकिन उसे थाने में रखना पुलिस के लिए चुनौती था। पुलिस ने सद्दाम को लक्ष्मी के पास ही रखा, ताकि उसको काबू में रखा जा सके। इधर बुधवार सुबह जैसे ही इलाके में हथिनी के थाने में होने का पता चला, लोगों की भीड़ थाने में जुट गई।