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दिल्ली: एलजी ने रद्द किया राज्य सरकार के वकीलों का पैनल, उपमुख्यमंत्री ने बताया जनता का अपमान
Sat, 24 Jul 2021 11:11 PM IST
योगेश साहू
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:11 PM IST
सार
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने एक बार फिर दिल्ली सरकार के द्वारा नियुक्त किए गए वकीलों के पैनल को खारिज कर दिया है।
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उपराज्यपाल अनिल बैजल
- फोटो : एएनआई
विस्तार
उपराज्यपाल अनिल बैजल के वकीलों के पैनल को खारिज कर दिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि यह दिल्ली की जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार का ही नहीं, सीधे तौर पर दिल्ली की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल को हर छोटे-बड़े मुद्दे पर दिल्ली का विरोध करने की अपनी सोच से बाज आना चाहिए।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि किसान आंदोलन को लेकर आम आदमी पार्टी बहुत संजीदा है और वह किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारे वकीलों के पैनल को उपराज्यपाल द्वारा रिजेक्ट करना सीधे तौर पर दिल्ली की जनता का अपमान है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली कैबिनेट में 19 जुलाई को निर्णय लिया गया था कि दिल्ली सरकार किसानों की मदद करेगी। लेकिन उपराज्यपाल ने शनिवार को दिल्ली सरकार के इस फैसले को पलट दिया और फाइल राष्ट्रपति के पास भेज दी।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पांच वरिष्ठ जजों की संवैधानिक बेंच ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा था कि दिल्ली के उपराज्यपाल के पास केवल दो अधिकार हैं- या तो वह चुनी हुई सरकार के निर्णय से सहमत होंगे और उसके अनुसार काम करेंगे, और यदि असहमत होंगे तो अपनी असहमति राष्ट्रपति के पास भेजेंगे। लेकिन किसी मामले को निर्णय के लिए राष्ट्रपति के पास भेजने का अधिकार बेहद असाधारण परिस्थितियों में ही दिया गया है। लेकिन इसके बाद भी उपराज्यपाल का रवैया बताता है कि वे दिल्ली की जनता का सम्मान नहीं करना चाहते हैं।
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