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Agra Siddhant Batra Case: आईआईटी काउंसलिंग में अब छोटी सी चूक से नहीं जाएगी सीट
Sun, 17 Oct 2021 11:24 AM IST
शाहरुख खान
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 17 Oct 2021 11:24 AM IST
सार
आईआईटी ने छात्रों की बड़ी राहत दी है। अब छोटी सी चूक से किसी भी छात्र की सीट नहीं जाएगी। जोसा 2021 में पहली बार काउसंलिंग से पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। आईआईटी में काउंसलिंग के 5वें राउंड तक छोड़ सीट सकेंगे। अब कुल छह राउंड होंगे।
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फाइल फोटो
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विस्तार
आईआईटी में अब छोटी सी चूक से किसी भी छात्र की सीट नहीं जाएगी। आईआईटी बॉम्बे में पिछले साल आगरा के सिद्धांत बत्रा (जेईई एडवांस्ड 2020 में 270वीं रैंक) मामले से सबक लेते हुए इस बार ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा 2021) में काउंसलिंग के फाइनल राउंड शुरू करने से पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट के राउंड होंगे।
जोसा पोटर्ल पर पहला राउंड 27 अक्तूबर को आयोजित होना है। लेकिन उससे पहले 22 अक्तूबर और 24 अक्तूबर को मॉक सीट अलॉटमेंट का राउंड चलेग। इसमें यदि किसी छात्र ने गलती की होगी तो उसे पता चल जाएगा।
सभी 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 आईआईआईटी, आईआईईएसटी शिवपुर समेत 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में बीटेक दाखिले की सीट ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी २०२१ (जोसा) से मिलेगी। इसकेलिए जोसा पोटर्ल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो खुल गई।
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आईआईटी प्रबंधन ने पिछले साल में छात्रों की छोटी सी चूक भरी गलतियों को देखते हुए इस बार बड़े बदलाव किये हैं। कोशिश यही है कि किसी भी छात्र की गलती के चलते उसका भविष्य खराब न हो। मॉक सीट अलॉटमेंट केअलावा काउंसलिंग के हर राउंड केबाद छात्रों को उनकी दिक्कतों का समाधान भी विशेषज्ञ देंगे।
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जोसा पोटर्ल पर पहला राउंड 27 अक्तूबर को आयोजित होना है। लेकिन उससे पहले 22 अक्तूबर और 24 अक्तूबर को मॉक सीट अलॉटमेंट का राउंड चलेग। इसमें यदि किसी छात्र ने गलती की होगी तो उसे पता चल जाएगा।
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सभी 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 आईआईआईटी, आईआईईएसटी शिवपुर समेत 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में बीटेक दाखिले की सीट ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी २०२१ (जोसा) से मिलेगी। इसकेलिए जोसा पोटर्ल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो खुल गई।
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आईआईटी प्रबंधन ने पिछले साल में छात्रों की छोटी सी चूक भरी गलतियों को देखते हुए इस बार बड़े बदलाव किये हैं। कोशिश यही है कि किसी भी छात्र की गलती के चलते उसका भविष्य खराब न हो। मॉक सीट अलॉटमेंट केअलावा काउंसलिंग के हर राउंड केबाद छात्रों को उनकी दिक्कतों का समाधान भी विशेषज्ञ देंगे।
एनआईटी श्रीनगर में पांच फीसदी सीट लद्दाख को
जम्मू -कश्मीर से लद्दाख अब पूरी तरह से अलग हो गया है। लद्दाख अब केंद्र शासित प्रदेश हैं। हालांकि वहां अभी कोई एनआईटी नहीं है। इसीलिए श्रीनगर स्थित एनआईटी श्रीनगर की बीटेक कोर्स की पांच फीसदी सीट लददख केछात्रों के लिए आरक्षित होंगी। जबकि 50 फीसदी सीट होम स्टेट के तहत जम्मू-कश्मीर के छात्रों केलिए आरक्षित हैं।
चंडीगढ़ का कोटा एनआईटी दिल्ली में
एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए 50 फीसदी सीट आरक्षित है। दरअसल चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसलिए एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटा लागू होता है।
आईआईटी में सिर्फ 6 राउंड तो अन्य में सीट खाली होने पर स्पेशल ड्राइव
जोसा 2021 में आईआईटी में दाखिले के लिए सिर्फ छह राउंड होंगे। इसमें पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। इसमें सामान्य राउंड की तरह छात्र की रैंक और ज्वाइस के आधार पर आईआईटी व कोर्स अलॉट होगा। हालांकि इसमें सिर्फ तैयारी जांची जाएगी। 27 अक्तूबर से काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू होकर 20 नवंबर को काउसंलिंग का आखिरी छठां राउंड होगा।
हर राउंड केबीच पांच दिन का समय रहेगा। यदि एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में कोई सीट खाली रहती है तो फिर स्पेशल ड्राइव हो सकती है। हालांकि 17 नवंबर को आईआईटी में दाखिले की विंडो बंद हो जाएगी।
चंडीगढ़ का कोटा एनआईटी दिल्ली में
एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए 50 फीसदी सीट आरक्षित है। दरअसल चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश हैं। इसलिए एनआईटी दिल्ली में चंडीगढ़ के छात्रों के लिए होम स्टेट कोटा लागू होता है।
आईआईटी में सिर्फ 6 राउंड तो अन्य में सीट खाली होने पर स्पेशल ड्राइव
जोसा 2021 में आईआईटी में दाखिले के लिए सिर्फ छह राउंड होंगे। इसमें पहले दो मॉक सीट अलॉटमेंट राउंड होंगे। इसमें सामान्य राउंड की तरह छात्र की रैंक और ज्वाइस के आधार पर आईआईटी व कोर्स अलॉट होगा। हालांकि इसमें सिर्फ तैयारी जांची जाएगी। 27 अक्तूबर से काउंसलिंग का पहला राउंड शुरू होकर 20 नवंबर को काउसंलिंग का आखिरी छठां राउंड होगा।
हर राउंड केबीच पांच दिन का समय रहेगा। यदि एनआईटी, आईआईआईटी समेत अन्य 114 केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में कोई सीट खाली रहती है तो फिर स्पेशल ड्राइव हो सकती है। हालांकि 17 नवंबर को आईआईटी में दाखिले की विंडो बंद हो जाएगी।
इन डेट को रखें याद
22 अक्तूबर- पहला मॉक सीट अलॉटमेंट
24 अक्तूबर-दूसरा मॉक सीट अलॉटमेंट
27अक्तूबर- काउसंलिंग का पहला राउंड
एक नवंबर-दूसरा राउंड
छह नवंबर-तीसरा राउंड
10 नवंबर-चौथा राउंड
14 नवंबर-पाचवां राउंड
(इसी राउंड में आईआईटी सीट छोड़ने की पूरी जानकारी देनी होगी)
17 नवंबर-छठां राउंड
यह था आगरा के सिद्धांत का मामला
आगरा के सिद्धांत बत्रा को जेईई एडवांस्ड 2020 में 270वीं रैंक मिली थी। रैंक के आधार आईआईटी बॉम्बे और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स में बीटेक के लिए जोसा 2020 में पंजीकरण किया था। पहले राउंड में सिद्धांत ने सीट को सलेक्ट कर लिया था। लेकिन रोल नंबर को अपडेट करने के दौरान उसने अगले राउंड में सीट वापसी के लिंक पर गलती से क्लिक कर दिया। यहां क्लिक करने का मतलब था कि उसे इस सीट पर एडमिशन की जरुरत नहीं है।
सिद्धांत को अपनी गलती का पता 10 नवंबर को दूसरे राउंड की काउंसलिंग में लगा, जब नाम नहीं था। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आईआईटी ने अपने बिजनेस रूल्स का हवाला देकर कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते हैं। उनके पास कोई सीट नहीं है। ऐसी गलतियों से छात्रों को बचाने के लिए आईआईटी ने मॉक सीट अलॉटमेंट शुरू की है।
24 अक्तूबर-दूसरा मॉक सीट अलॉटमेंट
27अक्तूबर- काउसंलिंग का पहला राउंड
एक नवंबर-दूसरा राउंड
छह नवंबर-तीसरा राउंड
10 नवंबर-चौथा राउंड
14 नवंबर-पाचवां राउंड
(इसी राउंड में आईआईटी सीट छोड़ने की पूरी जानकारी देनी होगी)
17 नवंबर-छठां राउंड
यह था आगरा के सिद्धांत का मामला
आगरा के सिद्धांत बत्रा को जेईई एडवांस्ड 2020 में 270वीं रैंक मिली थी। रैंक के आधार आईआईटी बॉम्बे और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्स में बीटेक के लिए जोसा 2020 में पंजीकरण किया था। पहले राउंड में सिद्धांत ने सीट को सलेक्ट कर लिया था। लेकिन रोल नंबर को अपडेट करने के दौरान उसने अगले राउंड में सीट वापसी के लिंक पर गलती से क्लिक कर दिया। यहां क्लिक करने का मतलब था कि उसे इस सीट पर एडमिशन की जरुरत नहीं है।
सिद्धांत को अपनी गलती का पता 10 नवंबर को दूसरे राउंड की काउंसलिंग में लगा, जब नाम नहीं था। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आईआईटी ने अपने बिजनेस रूल्स का हवाला देकर कहा कि वे कुछ नहीं कर सकते हैं। उनके पास कोई सीट नहीं है। ऐसी गलतियों से छात्रों को बचाने के लिए आईआईटी ने मॉक सीट अलॉटमेंट शुरू की है।