ऐ भाई...जरा देख के चलो : दिल्ली में लेन ड्राइविंग चालू, ये है दिन का हाल बताने वाली रिपोर्ट
राजधानी में नई यातायात व्यवस्था होने के कारण लोग दिन भर जाम से जूझते रहे। इस दौरान कई सड़कों पर नियम टूटे तो दो लेन की संकरी सड़कों पर आई दिक्कत।
विस्तार
दिल्ली की सड़कों पर शुक्रवार से लेन ड्राइविंग लागू हो गई। सहूलियत के साथ दिल्ली सरकार की नई व्यवस्था पहले दिन आम लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बनी। कई जगह बसें अपनी लेन में चलीं तो कई सड़कों पर नियम टूटते नजर आए। लंबी कतारें लगने के कारण यात्रियों को पैदल भी चलना पड़ा। कई जगहों पर बस लेन में ऑटो व कैब खड़ी दिखी। सुबह घर से निकले यात्रियों को जब इंतजार भारी पड़ने लगा तो ऑटो, कैब या मेट्रो का सहारा लिया। लेन ड्राइविंग पर पहले दिन के हालात बताती ‘अमर उजाला’ की लाइव रिपोर्ट...
आजादपुर फ्लाईओवर. सुबह 9.00 बजे
लंबी कतार में खड़ी बसें और इंतजार से परेशान कुछ यात्रियों ने दूसरे परिवहन साधनों को अपनाया। मेट्रो, ऑटो सहित निजी वाहनों से लोगों ने दफ्तरों का रुख किया। हालांकि, इस दौरान सड़कों पर उन्हें कई जगह बसों की लंबी लाइनें नजर आईं। परिवहन विभाग की ओर से शुरू की गई इस पहल के कारण इसलिए लोगों को इंतजार करना पड़ा, क्योंकि एक बस स्टॉप पर एक बस के लिए जगह है। एक के बाद एक कई बसें होने के कारण दूसरे वाहनों को इंतजार करना पड़ा।
आईटीओ सुबह 10.00 बजे
बसों के लेन में चलने की अनिवार्यता के पहले दिन अधिकतर चालक नियम का पालन करते दिखे। कुछ को छोड़कर बाकी अपनी निर्धारित लेन में ही चलते रहे। सुबह से ही लक्ष्मी नगर में बस लेन में चल रही थी, जिसकी वजह से बस की लंबी कतार लग गई। खासकर, स्टॉप के नजदीक बसों की लंबी लाइनें देखी गईं। जैसे ही बस यमुना पुल की तरफ बढ़ी तो एक कलस्टर बस के चालक ने लेन बदलकर दूसरी बस को ओवरटेक किया। दिल्ली सचिवालय और आईटीओ के पास पहुंचते ही एक बार फिर बस अपनी लेन में चली। इस दौरान बस लेन में छोटे वाहनों के आने से भी बस चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर बस चालकों को हार्न बजाकर सामने चल रहे ऑटो और कार को हटने का इशारा करते देखा गया। बस जैसे ही कनॉट प्लेस पहुंची सभी अपनी लेन में पहुंच गई। इस वजह से दूसरे वाहनों को आगे निकलने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
लाजपत नगर मार्ग सुबह 10.30 बजे
बसें पीछे से ही लेन में आ रही थी और पम्पोज एंक्लेव बस स्टैंड पर रुककर फिर लेन में ही आगे बढ़ जाती। हर पांच से सात मिनट में बसें आ रही थीं। सुबह करीब साढ़े 10 बजे पम्पोज एंक्लेव बस स्टेंड पर सबसे पहले 534 रूट की प्राइवेट बस पहुंची। ये बस लेन में चल रही थीं। इसके बाद डीटीसी की 764 रूट की, इसके बाद 764 व कुछ देर बाद डीटीसी की 534 रूट की बस लेन में चलती दिखाई दी। इसके बाद यहां पर डीटीसी की 511 रूट की बस पहुंची। ये बस भी लेन में चल रही थीं। बसों के लेन में चलने से कहीं भी जाम नहीं लगा। इससे पहले बसें जब लेन में नहीं चलती थी तो ट्रैफिक को क्रॉस कर वह बस स्टैंड पर आती थीं।
तालकटोरा रोड सुबह 11.00 बजे
सड़क के दोनों तरफ बसों की आवाजाही चलती रही। इस दौरान रकाबगंज और तालकटोरा रोड स्टैंड के पास वाहन एक-दूसरे को ओवरटेक करते नजर आए। जगह मिलने पर कुछ बसें भी लेन छोड़कर आगे बढ़ती दिखीं। केंद्रीय टर्मिनल के लिए लगातार इस रूट पर बसों की आवाजाही होने के कारण चालकों ने खूब ओवरटेक किया। गोल डाकखाना के पास पंत मार्ग पर दोनों तरफ डीटीसी और क्लस्टर बसें एक के बाद एक गुजरती रहीं। एक बस के रुकते ही पीछे फिर लंबी कतार दिखी।
मंडी हाउस दोपहर 12.00 बजे
मंडी हाउस पर एक के बाद एक बसें पहुंचती रहीं। लेन में पहुंचते ही स्टॉप पर खड़े यात्री बस में सवार हुए और गंतव्य के लिए रवाना हुए। इस दौरान कनॉट प्लेस में बसें लगातार एक के बाद एक आगे बढ़ती रहीं। शिवाजी स्टेडियम से गोल मार्केट से होकर गुजरने वाली बसें भी पेशवा रोड पर लंबी लाइन में दिखीं। सड़क की कम चौड़ाई के कारण ऑटो, कार, टू व्हीलर को भी आगे बढ़ने के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि] ट्रैफिक लाइट के ऑन होने के बाद वाहनों की आवाजाही कुछ देर के लिए सामान्य हुईं।
कई चालकों पर जुर्माना, रफ्तार घटी
परिवहन विभाग ने लेन ड्राइविंग को लागू करने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहले दिन नियमों की अनदेखी करने वाले कुछ बस चालकों पर जुर्माना लगाया गया। परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बस लेन खाली रखने के लिए कहा गया है। अगर लेन में दूसरे वाहनों के कारण रुकावट होती है तो बसों की रफ्तार धीमी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ेगा। सभी अगर तयशुदा लेन में चलें तो वाहनों की आवाजाही और सुलभ होगी।
पहली गलती पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना
संयुक्त आयुक्त ने कहा कि लेन अनुशासन का पालन करने से सहूलियतें बढ़ेंगी। इससे दिल्ली की परिवहन व्यवस्था में व्यापक बदलाव से लोगों को राहत मिलेगी। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई के लिए डीटीसी, डिम्टस और इंफोर्समेंट टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। फिलहाल बसों के लिए इसे लागू किया जा रहा है। प्रवर्तन अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों को हटाने के लिए क्रेन लगाए गए हैं। लेन ड्राइविंग की राह में अड़चन पैदा करने के लिए जिम्मेदार वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाएगी। पहली बार गलती पर 10 हजार रुपये का जुर्माना है। इसके आगे भी अगर दूसरी गलती होती है तो लाइसेंस रद्द हो सकता है। तीसरी गलती पर परमिट रद्द किया जाएगा, जबकि चौथी बार नियमों की अनदेखी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
लेन ड्राइविंग की सोशल मीडिया पर चर्चा
सोशल मीडिया पर भी लेन ड्राइविंग लागू होने पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गई हैं। कुछ यात्रियों ने कहा कि बस स्टॉप पर बसें इतनी देर खड़ी हुई कि कुछ भी खरीदकर लौट सकते हैं। किसी ने इस पहल को अच्छा कदम बताया।
46 कॉरिडोर के 475 किमी में तीन चरणों में चलेगा प्रवर्तन अभियान
दिल्ली सरकार ने एक अप्रैल से बसों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए लेन अनुशासन लागू करने के लिए प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आईटीओ चौराहे पर इस अभियान का निरीक्षण कर कर्मचारियों से बातचीत की। परिवहन विभाग ने दिल्ली यातायात पुलिस और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली के 46 कॉरिडोर की पहचान की है। तीन चरणों में यह अभियान करीब 475 किलोमीटर के दायरे में चलाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग को चयनित कॉरिडोर पर चेतावनी, बस लेन की पेंटिंग और अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए थर्मोप्लास्टिक के बस बॉक्स बनाए गए हैं, ताकि चिह्नित लेन में ही बसें रुक सकें। माल वाहनों के लिए नो-एंट्री के दौरान दूसरे वाहन भी बस लेन में चल सकते हैं। बस लेन में नहीं चलने पर मोटर वाहन अधिनियम (1988) की धारा 192-ए के तहत पहली गलती पर 10 हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
दूसरी गलती पर चालान और अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। तीसरी गलती पर चालान, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जाएगा। इसके बाद एक महीने का ड्राइविंग रिफ्रेशमेंट कोर्स करना होगा। चौथी बार लेन ड्राइविंग के नियमों का उल्लंघन करने पर परमिट निलंबित या रद्द कर दी जाएगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली की सड़कों पर नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली के नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुलभ और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बसों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
138 टीमें तैनात
परिवहन विभाग की 138 प्रवर्तन टीमें तैनात की गई हैं। इनमें परिवहन विभाग के 34, डीटीसी की 19, डिम्टस की 39 और परिवहन की 68 अन्य टीमें शामिल हैं। मेगाफोन के जरिये बस चालकों को लेन ड्राइविंग के लिए जागरूक किया जा रहा है। प्रयासों को कारगर बनाने के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। सभी प्रवर्तन दल उल्लंघन करने वाले का फोटो खींचकर, व्हाट्सएप नंबर पर जियो लोकेशन भेजेंगे। इसके बाद केंद्रीयकृत प्रणाली से उनके चालान किए जाएंगे। कश्मीरी गेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर भी एक प्रवर्तन अधिकारी तैनात किया जाएगा। दल के साथ एक क्रेन भी होगा ताकि नियमों का उल्लंघन होने पर वाहनों को हटाया जा सके।
लुटियंस जोन में दोपहर तक रेंगते रहे वाहन
वीआईपी मूवमेंट के चलते लुटियंस जोन में शुक्रवार दोपहर तक वाहन रेंगते नजर आए। कई मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के चलते कई मार्गों पर रूट डायवर्जन रहा। इससे जाम लगता चला गया। बसों और व्यावसायिक वाहनों की लेन में अन्य वाहनों के चलने के कारण भी जाम रहा। दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
शुक्रवार सुबह तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम था। प्रधानमंत्री करीब 11 बजे तालकटोरा स्टेडियम पहुंचे और दोपहर करीब सवा बजे वापस लौटे। इस कारण मदर टेरेसा क्रेसेंट मार्ग और मुजीबुर रहमान मार्ग पर ट्रैफिक रोकना पड़ा। यहां से ट्रैफिक परिवर्तित करना पड़ा, जिस कारण इन मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइनों लग गईं।
मदर टेरेसा क्रेसेंट मार्ग पर ट्रैफिक रोकने का असर सरदार पटेल मार्ग, अशोक रोड, गोल डाकखाना, पंत मार्ग, रिज रोड व मंदिर मार्ग रोड पर पड़ा। इन मार्गों पर दोपहर करीब डेढ़ बजे तक जाम जैसी स्थिति रही। कार्यक्रम में भाग लेने आए बच्चों की वजह से भी जाम लगा। हालांकि, नई दिल्ली के ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के चलते जाम जैसे हालत पैदा नहीं हुए। ट्रैफिक धीमा जरूर हुआ।
इसके अलावा एयरपोर्ट जाने के लिए उपराष्ट्रपति का सुबह के समय रूट लगा, जिससे नई दिल्ली के अलावा सरदार पटेल मार्ग, धौला कुंआ व एयरपोर्ट पर जाम लग गया। इसके बाद नेपाल के प्रधानमंत्री दोपहर को दिल्ली पहुंचे। इनके लिए भी रूट लगा। इस कारण भी सरदार पटेल व धौला कुंआ समेत कई मार्गों पर जाम लगा रहा।