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लालकिला हिंसा: दो किसानों को मिली जमानत, पुलिस ने माना कि उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं
Tue, 27 Jul 2021 07:18 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 27 Jul 2021 07:18 PM IST
सार
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने आरोपी रेशम सिंह और गुरविंदर सिंह की जमानत 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि की एक अन्य जमानत पर स्वीकार की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अदालत ने लाल किला हिंसा मामले में लिप्त दो किसानों को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा पुलिस ने माना है कि दोनों आरोपी सीसीटीवी फुटेज में कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे लेकिन उनके मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने आरोपी रेशम सिंह और गुरविंदर सिंह की जमानत 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि की एक अन्य जमानत पर स्वीकार की है।
आरोपी के अधिवक्ता अवनीत कौर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल 26 जनवरी को मात्र ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे। वे तय रुट पर थे और पुलिस द्वारा लाठी चार्ज व आंसू गैस के चलते वे बेहोश हो गए थे और उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाया गया लेकिन पुलिस ने उनको फर्जी तरीके से इस मामले में फंसा दिया।
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अभियोजन ने तर्क रखा कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और जानबूझकर घटना के सीसीटीवी फुटेज में देखे गए अन्य व्यक्तियों की पहचान नहीं कर रहे हैं। हालांकि जांच अधिकारी ने माना कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सुबूत है जिसमें कथित घटना में उनकी संलिप्तता नजर आए।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने आरोपी रेशम सिंह और गुरविंदर सिंह की जमानत 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि की एक अन्य जमानत पर स्वीकार की है।
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आरोपी के अधिवक्ता अवनीत कौर ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल 26 जनवरी को मात्र ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए दिल्ली आए थे। वे तय रुट पर थे और पुलिस द्वारा लाठी चार्ज व आंसू गैस के चलते वे बेहोश हो गए थे और उन्हें आरएमएल अस्पताल ले जाया गया लेकिन पुलिस ने उनको फर्जी तरीके से इस मामले में फंसा दिया।
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अभियोजन ने तर्क रखा कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और जानबूझकर घटना के सीसीटीवी फुटेज में देखे गए अन्य व्यक्तियों की पहचान नहीं कर रहे हैं। हालांकि जांच अधिकारी ने माना कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सुबूत है जिसमें कथित घटना में उनकी संलिप्तता नजर आए।