{"_id":"6028244f8ebc3ee95f323084","slug":"lakhs-cheated-in-the-name-of-getting-a-government-job-ashram-news-noi565522318","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
विज्ञापन
नई दिल्ली। जगतपुरी इलाके में ठगों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से करीब 11 लाख रुपये ठग लिए। विश्वास जीतने के लिए आरोपी उन्हें लेकर एफसीआई लखनऊ गए और बाद में फर्जी नियक्ति पत्र थमा दिए। फर्जीवाड़े का पता चलने पर पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगा। परेशान होकर युवाओं ने शिकायत पुलिस से की। छानबीन के बाद जगतपुरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, जगतपुरी इलाके में रहने वाला मनोज वर्मा फिलहाल अपने दोस्त तुषार के साथ इलाके में कोचिंग सेंटर चला रहा है। मनोज ने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी एक महिला से सरकारी नौकरी के लिए बातचीत हुई थी। महिला ने अपने जानकारों के जरिये नौकरी दिलाने के लिए कहा था।
मनोज ने बताया कि उसने अपने दोस्त तुषार और योगेश के लिए भी महिला से बातचीत की। महिला ने तीनों को एक अन्य महिला और पुरुष से मिलवाया। उन दोनों ने कहा कि वे केंद्रीय मंत्रालय और शास्त्री भवन में तैनात हैं। वे उनकी नौकरी बड़ौदा हाउस या नगर निगम में लगवा देंगे।
विज्ञापन
तीनों उनके झांसे में आ गए। आरोपियों ने उनसे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ले लिये और जल्द ही नौकरी लगवाने की बात करते रहे। काफी दिन बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो वे महिलाओं व युवक पर दबाव बनाने लगे।
मुख्य आरोपी ने कहा कि वह उनकी नौकरी लखनऊ में एफसीआई में लगवा देगा। वह उन्हें अपने साथ लखनऊ ले गया। वहां मनोज से कुल पांच लाख, तुषार से दोबारा डेढ़ लाख रुपये लेकर तीनों को एफसीआई का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। तीनों को बाद में नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला तो शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने छानबीन के बाद शुक्रवार को मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, जगतपुरी इलाके में रहने वाला मनोज वर्मा फिलहाल अपने दोस्त तुषार के साथ इलाके में कोचिंग सेंटर चला रहा है। मनोज ने बताया कि वर्ष 2019 में उसकी एक महिला से सरकारी नौकरी के लिए बातचीत हुई थी। महिला ने अपने जानकारों के जरिये नौकरी दिलाने के लिए कहा था।
विज्ञापन
मनोज ने बताया कि उसने अपने दोस्त तुषार और योगेश के लिए भी महिला से बातचीत की। महिला ने तीनों को एक अन्य महिला और पुरुष से मिलवाया। उन दोनों ने कहा कि वे केंद्रीय मंत्रालय और शास्त्री भवन में तैनात हैं। वे उनकी नौकरी बड़ौदा हाउस या नगर निगम में लगवा देंगे।
विज्ञापन
तीनों उनके झांसे में आ गए। आरोपियों ने उनसे डेढ़-डेढ़ लाख रुपये ले लिये और जल्द ही नौकरी लगवाने की बात करते रहे। काफी दिन बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो वे महिलाओं व युवक पर दबाव बनाने लगे।
मुख्य आरोपी ने कहा कि वह उनकी नौकरी लखनऊ में एफसीआई में लगवा देगा। वह उन्हें अपने साथ लखनऊ ले गया। वहां मनोज से कुल पांच लाख, तुषार से दोबारा डेढ़ लाख रुपये लेकर तीनों को एफसीआई का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। तीनों को बाद में नियुक्ति पत्र फर्जी होने का पता चला तो शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने छानबीन के बाद शुक्रवार को मामला दर्ज कर लिया है।