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बकरीद से पहले खुशियां मातम में बदलीं: सैकड़ों परिवारों के सपने राख, फर्नीचर मार्केट में आग से कारोबार स्वाहा
Sun, 24 May 2026 05:29 AM IST
Digvijay Singh
फिरदौस आलम, पूर्वी दिल्ली
फिरदौस आलम, पूर्वी दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 24 May 2026 05:29 AM IST
सार
जहां एक ओर फर्नीचर कारोबारी अपने घरों में बकरीद की तैयारियां कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में हुए भीषण अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इस आग ने न सिर्फ उनके फलते-फूलते कारोबार को स्वाहा कर दिया।
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फर्नीचर दुकान में लगी आग
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
जहां एक ओर फर्नीचर कारोबारी अपने घरों में बकरीद की तैयारियां कर रहे थे। वहीं, दूसरी ओर शास्त्री पार्क फर्नीचर मार्केट में हुए भीषण अग्निकांड ने सैकड़ों परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया। इस आग ने न सिर्फ उनके फलते-फूलते कारोबार को स्वाहा कर दिया, बल्कि कुछ ही घंटों में उनके सपनों को भी जलाकर राख कर दिया। अब दुकानों की जगह सिर्फ मलबे का ढेर बचा हुआ है।
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मुड़ी हुई टिन की चादर और लोहे के जले हुए कुछ ढांचे। कारोबारियों का दावा है कि इस भीषण अग्निकांड से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। ताहिर अली ने कहा कि अभी त्योहार का समय है। कारोबार भी खूब अच्छा चल रहा था। दुकान में सोफा से लेकर अलमारी तक भरी हुई थी। हमारा पूरा परिवार खुश था, लेकिन अचानक से दुकान में लगी आग ने हमारे परिवार की खुशियां छीन लीं।
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परिवार के सभी लोग खाना खाकर सो रहे थे, तभी रात करीब 1:50 बजे के आस-पास दुकान में आग लगने की मनहूस खबर मिली। मैं जिस हालत में था, उसी हालत में भागा-भागा दुकान को देखने पहुंचा। -राधेश्याम
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तीन साल पहले ही फर्नीचर का कारोबार शुरू किया था। सब कुछ अच्छा चल रहा था। बकरीद पर बेचने के लिए खूब सारे नए सामान बनाए थे। लगा था कि इस बार बकरीद पर अच्छा मुनाफा होगा, लेकिन उससे पहले ही सारा सामान जलकर राख हो गया। -अनीश
अब सब कुछ जल कर राख हो गया है। मेरी दुकान और दुकान का सारा फर्नीचर मलबे में बदल गया है। मलबे को देखकर रोना आ रहा है। इसमें सोफा, कुर्सी और अलमारी से लेकर फर्नीचर का हर सामान मौजूद था। -इरफान