दिल्ली वालों सावधान: फिर बाढ़ का संकट, यमुना खादर इलाके को तत्काल कर दें खाली; बाढ़ पीड़ित को मिलेगा मुआवजा
हथिनीकुंड से यमुना में नौ बजे से हर घंटे पिछले घंटे से अधिक पानी छोड़ा गया। दिल्ली सरकार ने चेतावनी जारी की है कि यमुना किनारे बसे लोग अपना घर खाली कर दें। देर रात से तेजी से जल स्तर बढ़ने का अंदेशा है।
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दिल्ली में फिर से लोगों के सामने बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है। हरियाणा के हथिनीकुंड से शनिवार दस बजे के बाद से लगातार दो लाख क्यूसेक से ऊपर पानी छोड़े जाने पर दिल्ली सरकार ने चेतावनी जारी की है कि यमुना किनारे बसे लोग अपना घर खाली कर दें। देर रात से तेजी से जल स्तर बढ़ने का अंदेशा है। प्रशासन मुनादी कराने के साथ लोगों को खादर से बाहर निकाल रहा है।
दिल्ली में फिर बाढ़ का संकट
पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश हो रही है, जिससे दिल्ली में फिर से बाढ़ का संकट आ खड़ा हुआ है। यमुना के जरिए पहाड़ी क्षेत्रों से हथिनीकुंड बैराज में इस समय जरूरत से बहुत ज्यादा पानी आ रहा है। इसका नतीजा ये रहा कि शनिवार को रात दो बजे जहां हथिनीकुंड बैराज से यमुना में 28429 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, वहीं सुबह नौ बजे तक पानी की मात्रा कई गुना बढ़ गई, करीब 1,47,857 क्यूसेक पानी इस दौरान छोड़ा गया।
हथिनीकुंड से हर घंटे बढ़ा पानी
हथिनीकुंड से यमुना में नौ बजे से हर घंटे पिछले घंटे से अधिक पानी छोड़ा गया। सुबह 10 बजे 209042 क्यूसेक, 11 बजे 223054 क्यूसेक, 12 बजे 240825 क्यूसेक, एक बजे 241518 क्यूसेक, दो बजे 251987 क्यूसेक, तीन बजे 242905 क्यूसेक, चार बजे 232566 क्यूसेक, पांच बजे 204436 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। प्रशासन ने कहा कि पूरी रात इसी अनुपात में पानी छोड़े जाने की सूचना मिली है। पहाड़ों पर लगातार बारिश जारी है और हथिनीकुंड बैराज के पास कोई जलाशय नहीं है, इसलिए वहां पर पानी रोक कर रखना संभव नहीं है और दिल्ली पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
बाढ़ राहत शिविरों में जारी रहेंगी सुविधा
बाढ़ पीड़ितों को राहत शिविरों में हर जरूरी सुविधा पहले की तरह मिलती रहेगी। अधिकतर राहत शिविरों में शुरुआत से ही पीड़ितों को टेंट के साथ सुबह का नाश्ता, दो बार खाना, दवाइयां, डॉक्टरों से परामर्श दिए जा रहे हैं। कई राहत शिविरों में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से इससे कहीं ज्यादा सुविधाएं मिल रही हैं, जैसे कि बच्चों को किताबें, महिलाओं और बच्चों को कपड़े इत्यादि भी दिए गए हैं। मयूर विहार पुश्ते पर बच्चों के लिए पाठशाला भी चलाई जा रही है। वहीं सोनिया विहार पुश्ते पर, गीता कॉलोनी पुश्ते पर और सराय काले खां पुश्ते पर शुरुआत में कई दिन तक पीड़ितों के पास टेंट तक नहीं था। खाने और शौचालय की सुविधा नहीं मिल रही थी। अब करीब हर जगह पर व्यवस्था सुचारु हो गई है।
सांप का खतरा बहुत ज्यादा
बाढ़ राहत शिविरों के आस पास हरदिन विषैले सांप निकल रहे हैं। मयूर विहार पुश्ते पर दो किंग कोबरा पकड़े गए और वन विभाग की टीम को सौंपे गए। राहत की बात ये है कि अबतक सांप काटने के मामले कहीं से भी नहीं आए हैं।
हर बाढ़ पीड़ित को मिलेगा मुआवजा
बाढ़ से पीड़ित हर परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। सर्वे करने का काम चल रहा है। तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जिनके पास यमुना खादर क्षेत्र में रहने का प्रमाण है, पहले उन लोगों को मुआवजा दिया जाएगा और जिनका पता कहीं और का है, लेकिन सालों से वह यमुना खादर में रहते हैं और बाढ़ में प्रभावित हुए हैं। उनके मुआवजे के लिए सरकार से पहले विमर्श किया जाएगा, सरकार जो निर्णय लेगी उसका पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डेटा इकट्ठा करने और मूल्यांकन करने का काम अभी जारी है।